वर्तमान समय में बच्चों का शारीरिक रूप से सक्रिय न होना और Junk Food (जंक फूड) का अधिक सेवन उनके स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गया है। माता-पिता को चाहिए कि वे घर के भोजन को अधिक आकर्षक और पौष्टिक बनाएं। बच्चों को फल, सब्जियां और Protein (प्रोटीन) युक्त आहार देने की आदत डालें। बाहर के डिब्बाबंद जूस के बजाय घर पर बना ताजा नींबू पानी या छाछ देना एक बेहतर विकल्प है। जब बच्चा बचपन से ही Balanced Diet (संतुलित आहार) का महत्व समझता है, तो वह भविष्य में भी स्वस्थ रहता है।
स्क्रीन टाइम यानी Screen Time (स्क्रीन समय) को कम करना बच्चों के शारीरिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मोबाइल और टीवी पर घंटों बिताने से उनकी शारीरिक हलचल कम हो जाती है, जो मोटापे का मुख्य कारण है। उन्हें मैदान में जाकर खेलने या किसी खेल जैसे Badminton (बैडमिंटन) या फुटबॉल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। शारीरिक खेल न केवल कैलोरी जलाते हैं, बल्कि बच्चों के Mental Development (मानसिक विकास) और सामाजिक कौशल को भी बढ़ाते हैं। खेलकूद को सजा नहीं बल्कि मनोरंजन का हिस्सा बनाएं।
परिवार के साथ मिलकर भोजन करने की परंपरा डालें और इस दौरान गैजेट्स का उपयोग न करें। जब बच्चे ध्यान केंद्रित करके खाना खाते हैं, तो उन्हें Satiety (तृप्ति) का अहसास जल्दी होता है और वे अधिक खाने या Overeating (अत्यधिक भोजन) से बच जाते हैं। उन्हें भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने का महत्व समझाएं। विज्ञापन देखकर जिद करने वाले बच्चों को प्यार से Nutrition Labels (पोषण लेबल) पढ़ना और हानिकारक तत्वों के बारे में बताना चाहिए। यह उनमें सही चुनाव करने की समझ विकसित करेगा।
नींद की गुणवत्ता का सीधा असर वजन पर पड़ता है। बढ़ते बच्चों के लिए 9-10 घंटे की नींद आवश्यक है ताकि उनके शरीर का Growth Hormone (विकास हार्मोन) सही ढंग से कार्य कर सके। देर रात तक जागने से चयापचय धीमा हो जाता है और शरीर में वसा का जमाव बढ़ने लगता है। एक निश्चित Bedtime Routine (सोने का समय) का पालन करने से बच्चे का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बना रहता है। अनुशासन ही स्वस्थ जीवन की नींव है जिसे बचपन में ही डालना चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माता-पिता स्वयं एक Role Model (आदर्श) बनें। यदि आप स्वयं स्वस्थ भोजन करेंगे और व्यायाम करेंगे, तो बच्चे भी आपका अनुसरण करेंगे। स्वस्थ रहना एक पारिवारिक लक्ष्य होना चाहिए। बच्चों को उनके वजन के लिए टोकने के बजाय उन्हें स्वस्थ रहने के फायदों के बारे में बताएं। सकारात्मक प्रोत्साहन या Positive Reinforcement (सकारात्मक सुदृढ़ीकरण) बच्चों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाता है। आपका थोड़ा सा प्रयास उनके भविष्य को बीमारियों से सुरक्षित रख सकता है।