भारतीय रसोई में मिक्सर ग्राइंडर (Mixer Grinder) का उपयोग मसालों से लेकर इडली बैटर तक बनाने में होता है। सबसे पहले इसकी मोटर की शक्ति या 'वाटेज' (Wattage) पर ध्यान दें। सामान्य घरेलू उपयोग के लिए 500 से 750 वाट (Watts) की मोटर पर्याप्त होती है, लेकिन यदि आपको सख्त मसाले (Hard Spices) पीसने हैं, तो 750 वाट या उससे अधिक की मोटर वाला मॉडल चुनना बेहतर होगा।
जार की संख्या और उनका प्रकार (Jars Type) आपकी जरूरतों पर निर्भर करता है। आमतौर पर तीन जार मिलते हैं: एक बड़ा जार तरल पदार्थों (Liquidizing) के लिए, एक मध्यम जार सूखी पिसाई (Dry Grinding) के लिए और एक छोटा जार चटनी (Chutney) के लिए। स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) के जार सबसे टिकाऊ और साफ करने में आसान होते हैं। जार के ढक्कन में 'लॉकिंग मैकेनिज्म' (Locking Mechanism) होना सुरक्षा और सफाई के लिहाज से अच्छा रहता है।
ब्लेड की गुणवत्ता और डिजाइन (Blade Design) पिसाई की गति और बारीकी को तय करते हैं। उच्च गुणवत्ता वाले जंगरोधी स्टेनलेस स्टील (Anti-rust Stainless Steel) के ब्लेड लंबे समय तक चलते हैं और उनकी धार भी बनी रहती है। कुछ आधुनिक मिक्सर ग्राइंडर (Mixer Grinder) में विशिष्ट प्रकार के ब्लेड आते हैं जो बारीक पिसाई (Fine Grinding) सुनिश्चित करते हैं। यह भी देखें कि ब्लेड को बदलना या साफ करना कितना आसान है।
सुरक्षा फीचर्स जैसे 'ओवरलोड प्रोटेक्शन' (Overload Protection) सर्किट ब्रेकर का होना अनिवार्य है। यदि आप जार में ज्यादा सामान भर देते हैं या मोटर ज्यादा गर्म (Overheat) हो जाती है, तो यह फीचर अपने आप बिजली की सप्लाई बंद कर देता है, जिससे मोटर जलने से बच जाती है। साथ ही, वैक्यूम फीट (Vacuum Feet) या रबर पैड्स होने से मशीन चलते समय अपनी जगह से फिसलती नहीं है और शोर (Noise) भी कम होता है।
डिजाइन और ब्रांड वैल्यू (Brand Value) के साथ-साथ शोर के स्तर की भी जांच करें। कुछ शक्तिशाली मिक्सर (Powerful Mixers) बहुत ज्यादा आवाज करते हैं, जो परेशान करने वाला हो सकता है। बिक्री के बाद की सेवा (After Sales Service) और वारंटी (Warranty) की उपलब्धता सुनिश्चित करें। एक अच्छा मिक्सर ग्राइंडर (Mixer Grinder) आपके खाना पकाने के समय को कम करता है और रसोई के काम को आसान (Efficient) बनाता है।