कई लोग मजाक में कहते हैं कि उन्होंने चिप्स के बजाय हवा खरीदी है, लेकिन पैकेट में भरी वह गैस वास्तव में चिप्स को ताजा और कुरकुरा (Crispy) बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। उन पैकेटों में साधारण हवा नहीं, बल्कि शुद्ध नाइट्रोजन गैस (Nitrogen Gas) भरी होती है। साधारण हवा में ऑक्सीजन (Oxygen) होती है, जो चिप्स के तेल और वसा (Fats) के साथ मिलकर उन्हें बहुत जल्दी खराब या 'रैंसिड' (Rancid) कर सकती है।
नाइट्रोजन एक 'अक्रिय गैस' (Inert Gas) है, जिसका अर्थ है कि यह चिप्स के साथ कोई रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती। यह ऑक्सीजन को पैकेट से बाहर निकाल देती है, जिससे चिप्स महीनों तक अपनी गंध और स्वाद (Taste and Smell) बरकरार रखते हैं। यदि नाइट्रोजन न भरी जाए, तो चिप्स नरम पड़ जाएंगे और उनमें से एक अजीब सी बदबू आने लगेगी।
इसके अलावा, पैकेट में भरी हुई यह गैस एक 'कुशन' (Cushioning) की तरह काम करती है। चिप्स बहुत नाजुक होते हैं और कारखानों से दुकानों तक पहुँचने के दौरान उन्हें कई बार लादा और उतारा जाता है। पैकेट के भीतर मौजूद गैस का दबाव बाहरी झटकों को सोख लेता है और चिप्स को टूटने से बचाता है। बिना गैस के, आपको पैकेट के भीतर केवल चिप्स का चूरा ही मिलेगा।
खाद्य सुरक्षा (Food Safety) के नियमों के अनुसार, नाइट्रोजन का उपयोग पूरी तरह से सुरक्षित है। यह न केवल चिप्स को टूटने से बचाती है, बल्कि उनके भीतर सूक्ष्मजीवों (Microorganisms) की वृद्धि को भी रोकती है। गैस भरने की इस प्रक्रिया को 'मॉडिफाइड एटमॉस्फियर पैकेजिंग' (Modified Atmosphere Packaging) कहा जाता है, जो आधुनिक खाद्य उद्योग (Food Industry) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसलिए अगली बार जब आप फूला हुआ पैकेट देखें, तो समझ लें कि वह आपकी सुविधा और गुणवत्ता (Quality Control) के लिए ही बनाया गया है। पैकेट का फूला होना इस बात का भी प्रमाण है कि वह कहीं से लीक (Leak) नहीं है और उसके भीतर की सुरक्षात्मक गैस बाहर नहीं निकली है। यह छोटा सा वैज्ञानिक समाधान हमारे भोजन को सुरक्षित और स्वादिष्ट बनाए रखने में बड़ी मदद करता है।