आधुनिक रसोई में नॉन-स्टिक बर्तनों (Non-stick Cookware) का उपयोग बहुत बढ़ गया है क्योंकि इसमें बहुत कम तेल (Less Oil) की आवश्यकता होती है। इन बर्तनों पर आमतौर पर टेफ्लॉन (Teflon) या सिरेमिक (Ceramic) की कोटिंग होती है, जो भोजन को सतह से चिपकने नहीं देती। यह स्वस्थ खाना पकाने (Healthy Cooking) और कैलोरी नियंत्रण में काफी सहायक सिद्ध होता है।
नॉन-स्टिक कोटिंग की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कभी भी धातु के चम्मच (Metal Spoons) या कछी का उपयोग न करें। धातु की वजह से सतह पर खरोंच (Scratches) आ सकती है, जिससे कोटिंग खराब हो जाती है और हानिकारक रसायन भोजन में मिल सकते हैं। हमेशा लकड़ी (Wooden) या सिलिकॉन के बर्तनों (Silicone Utensils) का ही प्रयोग करना चाहिए।
इन बर्तनों को साफ करने के लिए कभी भी स्टील स्क्रबर (Steel Scrubber) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, एक नरम स्पंज (Soft Sponge) और हल्के लिक्विड सोप (Liquid Soap) का उपयोग करना कोटिंग की उम्र (Coating Life) को बढ़ाता है। बहुत अधिक गर्म बर्तन को तुरंत ठंडे पानी में डालने से भी बचना चाहिए, क्योंकि थर्मल शॉक (Thermal Shock) से बर्तन का आकार बिगड़ सकता है।
खाना पकाते समय मध्यम या कम आंच (Low to Medium Heat) का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है। अत्यधिक उच्च तापमान (High Temperature) नॉन-स्टिक परत को नुकसान पहुँचा सकता है और धुएं के माध्यम से जहरीले तत्व छोड़ सकता है। सही तापमान पर खाना पकाने से न केवल बर्तन सुरक्षित रहते हैं, बल्कि भोजन के पोषक तत्व (Nutrients) भी बरकरार रहते हैं।
जब इन बर्तनों की कोटिंग उखड़ने लगे या सतह पर गहरी खरोंचें दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत बदल देना चाहिए। खराब हो चुके नॉन-स्टिक बर्तन स्वास्थ्य के लिए जोखिम (Health Risk) पैदा कर सकते हैं। उचित रखरखाव (Proper Maintenance) और सावधानी के साथ उपयोग करने पर ये उत्पाद लंबे समय तक चलते हैं और रसोई के काम को सरल बनाते हैं।