पुरानी कार खरीदते समय सबसे पहले बोनट खोलकर इंजन ऑयल (Engine Oil) की स्थिति देखनी चाहिए। यदि तेल बहुत ज्यादा काला या गाढ़ा है, तो इसका मतलब है कि गाड़ी की सर्विस (Service) समय पर नहीं की गई है, जिससे इंजन के पुर्जों (Components) को नुकसान हो सकता है।
गाड़ी को स्टार्ट करके इंजन की आवाज (Engine Sound) पर ध्यान दें। यदि इंजन से कोई असामान्य खड़खड़ाहट या धातु के टकराने की आवाज (Rattling Sound) आ रही है, तो यह गंभीर यांत्रिक खराबी (Mechanical Failure) का संकेत हो सकता है।
एग्जॉस्ट पाइप (Exhaust Pipe) से निकलने वाले धुएं का रंग भी बहुत कुछ बताता है। नीला धुआं इंजन द्वारा तेल जलाने (Oil Burning) का संकेत है, जबकि सफेद धुआं कूलेंट लीक (Coolant Leak) की समस्या को दर्शाता है, जिसे ठीक करना काफी महंगा पड़ सकता है।
टेस्ट ड्राइव के दौरान गियर शिफ्टिंग (Gear Shifting) और क्लच (Clutch) की सुगमता को महसूस करें। यदि गियर बदलने में दिक्कत हो रही है या क्लच बहुत भारी (Hard Clutch) महसूस हो रहा है, तो ट्रांसमिशन सिस्टम (Transmission System) में गड़बड़ी हो सकती है।
अंत में, कार के सर्विस रिकॉर्ड (Service Record) की मांग करें। अधिकृत सर्विस सेंटर (Authorized Service Center) के रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हो जाता है कि गाड़ी का रखरखाव कैसा रहा है और क्या इंजन का कभी कोई बड़ा रिपेयर (Major Repair) हुआ है।