गाड़ी का सस्पेंशन सिस्टम (Suspension System) केवल आराम के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि आपको महसूस हो कि गाड़ी छोटे-छोटे गड्ढों पर भी बहुत ज्यादा उछल रही है या झटके (Jerks) दे रही है, तो समझ लीजिए कि शॉक एब्जॉर्बर (Shock Absorbers) कमजोर हो चुके हैं। खराब सस्पेंशन के कारण टायरों की पकड़ सड़क पर कमजोर हो जाती है, जिससे मोड़ों पर गाड़ी पलटने का डर रहता है।
एक और बड़ा लक्षण यह है कि ब्रेक लगाने पर गाड़ी का अगला हिस्सा नीचे की ओर झुकता है (Nose Diving)। इससे ब्रेकिंग दूरी (Braking Distance) बढ़ जाती है और आपातकालीन स्थिति में गाड़ी को समय पर रोकना मुश्किल हो जाता है। यदि गाड़ी चलाते समय स्टीयरिंग (Steering) में कंपन महसूस हो या गाड़ी एक तरफ खिंच रही हो, तो यह सस्पेंशन बुश (Suspension Bushes) के घिसने का संकेत हो सकता है।
खराब सस्पेंशन का असर टायरों पर भी साफ देखा जा सकता है। यदि टायर असमान रूप से घिस (Uneven Tyre Wear) रहे हैं, तो इसका मतलब है कि पहियों का अलाइनमेंट (Alignment) और सस्पेंशन का संतुलन बिगड़ चुका है। टायरों के बीच में या किनारों पर अलग तरह के निशान देखना इस बात की पुष्टि करता है कि गाड़ी का भार समान रूप से वितरित नहीं हो रहा है।
बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि गड्ढे वाले रास्तों पर गाड़ी की गति (Speed) बहुत धीमी रखी जाए। तेज रफ्तार में गहरे गड्ढे से गुजरने पर सस्पेंशन स्ट्रट्स (Suspension Struts) और कॉइल स्प्रिंग (Coil Spring) पर सीधा प्रहार होता है। समय-समय पर गाड़ी के निचले हिस्से की जांच करवाएं ताकि किसी भी प्रकार का तेल रिसाव (Oil Leakage) दिखने पर उसे तुरंत ठीक किया जा सके।
गाड़ी की सर्विसिंग के दौरान मैकेनिक से सस्पेंशन माउंट्स (Suspension Mounts) और बॉल जॉइंट्स (Ball Joints) को ग्रीस (Grease) करने के लिए कहें। सस्पेंशन को दुरुस्त रखने से न केवल सफर आरामदायक बनता है, बल्कि गाड़ी के अन्य महत्वपूर्ण हिस्से जैसे स्टीयरिंग रैक (Steering Rack) भी लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।