व्यापार में लगातार घाटा या धन की कमी को दूर करने के लिए 'कनकधारा स्तोत्र' (Kanaka Dhara Stotra) का पाठ साल 2026 में आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इसके साथ ही 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप कमल गट्टे की माला से करें। यह महालक्ष्मी का बीज मंत्र है जो दरिद्रता का नाश कर वैभव (Grandeur) प्रदान करता है।
व्यापारिक स्थल पर धन वृद्धि के लिए पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) का मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। साल 2026 में जब भी पुष्य नक्षत्र आए, उस दिन अपनी तिजोरी या गल्ले की पूजा करें और वहां एक एकाक्षी नारियल (One-eyed Coconut) स्थापित करें। शुक्रवार के दिन शाम 06:00 से 08:00 के बीच महालक्ष्मी की आरती करना और श्रीयंत्र पर केसर चढ़ाना आपके व्यापार में ग्राहकों की संख्या और आय (Income) को बढ़ाएगा।
यदि आप कर्ज (Debt) से परेशान हैं, तो 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ प्रत्येक मंगलवार को करें। इसके साथ ही 'ॐ हं हनुमते नमः' का जाप आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार लाएगा। निवेश (Investment) के लिए बुधवार का दिन और दोपहर का समय (Abhijit) सबसे अधिक लाभकारी होता है। अपने कार्यक्षेत्र में उत्तर-पूर्व दिशा में कुबेर यंत्र (Kuber Yantra) लगाना धन के आगमन को सुगम बनाता है।
आर्थिक समृद्धि के लिए मंत्र जाप के साथ-साथ ईमानदारी (Integrity) और मेहनत का भी विशेष महत्व है। साल 2026 में अमावस्या के दिन घर की सफाई करना और पुराने कबाड़ को बाहर निकालना लक्ष्मी के आगमन का मार्ग साफ करता है। 'ॐ धनदाय नमः' का जाप करने से धन कमाने के नए अवसर (Opportunities) प्राप्त होते हैं। अपनी बचत का एक छोटा हिस्सा गुप्त दान में देने से धन कई गुना बढ़कर वापस आता है।
अंततः, माँ लक्ष्मी का वास वहीं होता है जहाँ स्वच्छता और प्रेम होता है। अपने कर्मचारियों के साथ मधुर संबंध रखना और उन्हें समय पर वेतन देना भी एक प्रकार का ज्योतिषीय उपाय है जो आपके व्यवसाय (Business) को स्थिरता प्रदान करता है। साल 2026 में ये मंत्र और मुहूर्त आपके जीवन में आर्थिक स्वतंत्रता (Financial Freedom) और सुख लेकर आएंगे।