स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, और साल 2026 में निरोगी रहने के लिए 'महामृत्युंजय मंत्र' का आश्रय लेना सर्वोत्तम है। मंत्र: 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥' इस मंत्र का सवा लाख बार जाप करने से अकाल मृत्यु का भय टल जाता है और असाध्य रोगों (Incurable Diseases) में भी सुधार होने लगता है। सोमवार के दिन शिव मंदिर में रुद्राभिषेक कराना स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष मुहूर्त है।
रोगों से मुक्ति के लिए सूर्य देव की आराधना भी बहुत प्रभावी है। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' का जाप सुबह सूर्योदय के समय करने से शरीर में नई ऊर्जा (Vitality) का संचार होता है और चर्म रोगों तथा नेत्र विकारों से सुरक्षा मिलती है। रविवार के दिन नमक का त्याग करना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना आपकी जीवनी शक्ति (Immunity) को बढ़ाता है।
साल 2026 में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए 'धन्वंतरि मंत्र' का जाप भी किया जा सकता है। आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की कृपा से दवाओं का असर तेज होता है और शरीर की रिकवरी (Recovery) जल्दी होती है। घर के उत्तर-पूर्व कोने में औषधियों को रखना वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) के दिन शिव जी की पूजा करना लंबी आयु का वरदान देता है।
मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें और शांत स्थान पर बैठें। यदि कोई व्यक्ति स्वयं जाप करने में असमर्थ है, तो परिवार का कोई अन्य सदस्य उनके लिए संकल्प लेकर जाप कर सकता है। मंत्रों के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा (Medical Science) और सही खान-पान का भी पालन करना जरूरी है। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप हर समय किया जा सकता है।
अंततः, ईश्वर की इच्छा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता। साल 2026 में अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और इन आध्यात्मिक उपायों (Spiritual Remedies) को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। श्रद्धापूर्वक किया गया महामृत्युंजय जाप आपको हर प्रकार के कष्टों से बचाएगा और आपको एक सुखी और स्वस्थ जीवन (Healthy Life) प्रदान करेगा।