संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) की सिविल सेवा परीक्षा मुख्य रूप से तीन चरणों में विभाजित है। प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) में दो वस्तुनिष्ठ पेपर होते हैं: सामान्य अध्ययन-I (General Studies-I) और CSAT। सामान्य अध्ययन में इतिहास (History), भूगोल (Geography), भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity), अर्थशास्त्र (Economics) और पर्यावरण (Environment) जैसे विषय शामिल होते हैं, जबकि CSAT उम्मीदवार की तार्किक क्षमता (Logical Reasoning) और गणितीय योग्यता की जाँच करता है।
मुख्य परीक्षा (Main Examination) वर्णनात्मक होती है और इसमें कुल नौ पेपर होते हैं। इनमें दो योग्यता पेपर (Qualifying Papers) भारतीय भाषा और अंग्रेजी के होते हैं। इसके अलावा, एक निबंध (Essay) का पेपर और सामान्य अध्ययन के चार पेपर (GS I-IV) होते हैं। GS पेपर में भारतीय विरासत (Indian Heritage), शासन (Governance), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations), प्रौद्योगिकी (Technology) और नैतिकता (Ethics) जैसे गहन विषय शामिल किए जाते हैं।
उम्मीदवार को एक वैकल्पिक विषय (Optional Subject) का चयन करना होता है, जिसके दो पेपर होते हैं। यह विषय उम्मीदवार की पसंद और विशेषज्ञता पर निर्भर करता है। पाठ्यक्रम का यह हिस्सा बहुत विस्तृत होता है और इसमें विषय की गहराई से समझ होना अनिवार्य है। मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उम्मीदवारों को साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाया जाता है।
तैयारी के दौरान समसामयिक घटनाएं (Current Affairs) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों (National and International News) का विश्लेषण सिलेबस के हर हिस्से से जुड़ा होता है। उम्मीदवारों को समाचार पत्रों और सरकारी पत्रिकाओं का नियमित अध्ययन करना पड़ता है ताकि वे बदलते परिवेश के साथ तालमेल बिठा सकें।
अंतिम चरण व्यक्तित्व परीक्षण (Personality Test) है, जहाँ उम्मीदवार के मानसिक गुणों और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का मूल्यांकन किया जाता है। हालांकि इसका कोई निश्चित लिखित पाठ्यक्रम नहीं होता, लेकिन यह मुख्य रूप से उम्मीदवार के विस्तृत आवेदन पत्र (Detailed Application Form) और सामान्य जागरूकता पर आधारित होता है।