इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (Engineering Entrance Exam) में शामिल होने के लिए पहली अनिवार्य शर्त 12वीं कक्षा या उसके समकक्ष (Equivalent) परीक्षा उत्तीर्ण करना है। इस परीक्षा में गणित (Mathematics) और भौतिक विज्ञान (Physics) मुख्य विषयों के रूप में होने चाहिए, जबकि रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या तकनीकी व्यावसायिक विषय (Technical Vocational Subject) में से कोई एक वैकल्पिक रूप से होना चाहिए।
प्रयासों की समय सीमा (Attempt Limit) बहुत सख्त है। एक छात्र निरंतर तीन वर्षों (Three Consecutive Years) तक ही जेईई मेन की परीक्षा दे सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र ने 2024 में 12वीं पास की है, तो वह 2024, 2025 और 2026 की परीक्षाओं में बैठ सकता है। सत्रों की संख्या (Number of Sessions) को लेकर भी स्पष्टता होनी चाहिए; एक वर्ष में आयोजित होने वाले दोनों सत्रों को एक ही प्रयास माना जाता है।
प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे एनआईटी (NIT) और आईआईआईटी (IIIT) में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा में कम से कम पचहत्तर प्रतिशत (75%) अंक होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए इस पात्रता में ढील दी गई है, उन्हें न्यूनतम पैंतालीस प्रतिशत (65%) अंकों की आवश्यकता होती है। यह नियम केवल प्रवेश (Admission) के लिए है, जबकि परीक्षा में बैठने के लिए केवल उत्तीर्ण होना पर्याप्त हो सकता है।
जेईई एडवांस (JEE-Advanced) के लिए पात्र होने हेतु उम्मीदवार को जेईई मेन की अखिल भारतीय रैंक (All India Rank) में शीर्ष स्थान प्राप्त करना होता है। आयु सीमा (Age Limit) का वर्तमान में कोई विशेष प्रतिबंध नहीं है, लेकिन 12वीं उत्तीर्ण करने का वर्ष ही पात्रता का मुख्य आधार बनता है। डिप्लोमा धारक (Diploma Holders) भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उनके प्रवेश के नियम थोड़े भिन्न होते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार की श्रेणी (Category Certificate) का प्रमाण पत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी अब विशेष आरक्षण और पात्रता लाभ दिए जाते हैं। तकनीकी शिक्षा (Technical Education) के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मुख्य विषयों के साथ-साथ प्रयोगात्मक कार्यों (Practical Work) पर भी ध्यान दें ताकि नींव मजबूत हो सके।