संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) ने अब सभी परीक्षाओं के लिए एकल समय पंजीकरण (One Time Registration - OTR) अनिवार्य कर दिया है। सबसे पहले उम्मीदवार को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी मूल जानकारी (Basic Information) जैसे नाम, माता-पिता का नाम और वैध ईमेल आईडी (Email ID) दर्ज करनी होती है। एक बार ओटीआर प्रोफाइल (OTR Profile) बन जाने के बाद, यह भविष्य की सभी यूपीएससी परीक्षाओं के लिए स्थायी रूप से सुरक्षित हो जाती है। प्रोफाइल बनाते समय सावधानी बरतना आवश्यक है क्योंकि इसमें सुधार के अवसर सीमित होते हैं।
प्रोफाइल तैयार होने के बाद, उम्मीदवार को वर्तमान अधिसूचना (Current Notification) के तहत उपलब्ध परीक्षा का चयन करना होता है। आवेदन प्रक्रिया दो भागों (Part-I and Part-II) में विभाजित होती है। प्रथम भाग में व्यक्तिगत विवरण (Personal Details) और शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification) भरनी होती है। यहीं पर आपको अपने परीक्षा केंद्र (Examination Centre) का चुनाव भी करना होता है, जो 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर आवंटित किए जाते हैं।
द्वितीय भाग में आवेदन शुल्क (Application Fee) का भुगतान करना अनिवार्य होता है, जिसे नेट बैंकिंग या कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन भरा जा सकता है। इसके बाद, उम्मीदवार को अपनी नवीनतम फोटो (Photograph) और हस्ताक्षर (Signature) निर्धारित प्रारूप (Format) में अपलोड करने होते हैं। साथ ही, एक फोटो पहचान पत्र (Photo ID Proof) जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड को पीडीएफ (PDF) फाइल के रूप में संलग्न करना आवश्यक होता है।
सभी विवरण भरने के बाद, अंतिम रूप से सबमिट (Submit) करने से पहले 'पूर्वावलोकन' (Preview) बटन का उपयोग करके डेटा की जांच कर लेनी चाहिए। एक बार आवेदन जमा हो जाने पर, आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक पुष्टिकरण संदेश (Confirmation Message) प्राप्त होगा। आयोग आवेदन पत्र में सुधार के लिए एक सुधार विंडो (Correction Window) भी खोलता है, लेकिन यह केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक ही सीमित होती है।
सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) के लिए आवेदन करते समय केंद्र का चयन बहुत सावधानी से करें, क्योंकि बाद में इसमें बदलाव करना लगभग असंभव होता है। आवेदन प्रक्रिया के अंत में प्राप्त आवेदन संख्या (Application Number) और पंजीकरण आईडी (Registration ID) को भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट (Print) करके सुरक्षित रख लेना चाहिए। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल (Digital) है और किसी भी भौतिक दस्तावेज को आयोग भेजने की आवश्यकता नहीं होती है।