राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (National Defence Academy) की लिखित परीक्षा में सामान्य योग्यता परीक्षण (GAT) के भीतर भौतिक विज्ञान के लगभग 20-25 प्रश्न होते हैं। ये प्रश्न मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं कक्षा के स्तर के होते हैं, लेकिन इनका स्वरूप व्यावहारिक (Practical) होता है। बल और गति के नियम (Laws of Motion), गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) और कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति (Work, Energy and Power) से संबंधित सिद्धांतों को सेना में उनके उपयोगों के उदाहरणों के साथ समझना चाहिए।
प्रकाश (Light) और ध्वनी (Sound) के अध्यायों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे कि दर्पण (Mirrors) और लेंस (Lenses) के गुण या सोनार (SONAR) प्रणाली का कार्य करना। विद्युत धारा (Electric Current) और चुंबकत्व (Magnetism) के बुनियादी नियमों जैसे ओम का नियम (Ohm's Law) और चुंबकीय प्रेरण (Magnetic Induction) की जानकारी होना आवश्यक है। एनडीए (NDA) के अभ्यर्थियों को वैज्ञानिक शब्दावली और महत्वपूर्ण इकाइयों (Units) को कंठस्थ करना चाहिए क्योंकि सीधे तथ्यात्मक प्रश्न (Factual Questions) भी पूछे जाते हैं।
पदार्थ के सामान्य गुण (General Properties of Matter) जैसे पृष्ठ तनाव (Surface Tension) और श्यानता (Viscosity) से जुड़े प्रश्न दैनिक अनुभवों पर आधारित होते हैं। ऊष्मा और तापमान (Heat and Temperature) के विभिन्न पैमानों (Scales) के बीच परिवर्तन और ऊष्मा संचरण (Heat Transfer) की विधियों का अध्ययन करें। रक्षा सेवाओं (Defense Services) में जाने के इच्छुक उम्मीदवारों से अपेक्षा की जाती है कि उनमें आसपास की भौतिक दुनिया की एक सामान्य वैज्ञानिक समझ (General Scientific Understanding) हो।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने से आपको परीक्षा के बदलते पैटर्न (Changing Pattern) का अंदाजा होगा। एनडीए (NDA) में भौतिकी के प्रश्न बहुत अधिक लंबे नहीं होते, लेकिन वे आपके बुनियादी ज्ञान की गहराई को परखते हैं। नियमित रूप से अभ्यास सेट (Practice Sets) हल करें और समय सीमा के भीतर उत्तर देने की अपनी क्षमता बढ़ाएं। अपनी तैयारी के दौरान अंग्रेजी शब्दावली (English Vocabulary) पर भी ध्यान दें क्योंकि प्रश्न पत्र द्विभाषी (Bilingual) होता है।
एक अधिकारी बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपके व्यक्तित्व में अनुशासन (Discipline) और नेतृत्व (Leadership) की झलक भी होनी चाहिए। भौतिकी पढ़ते समय इसे एक चुनौती की तरह लें और हर सिद्धांत को अपनी वास्तविक दुनिया से जोड़ें। शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता (Mental Toughness) बनाए रखें। यदि आपकी नींव मजबूत है और आपने ईमानदारी से परिश्रम किया है, तो सफलता आपके कदम चूमेगी।