राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (National Defence Academy) की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं है, यह एक 'जीवन जीने का तरीका' (Way of Life) है। अपने जोश (Josh) को हमेशा ऊँचा रखने के लिए स्वयं को एक सैनिक (Soldier) की तरह ढालें। सुबह जल्दी उठकर व्यायाम (Exercise) और दौड़ (Running) लगाना न केवल आपके शरीर को फिट रखता है, बल्कि आपके मन में अनुशासन (Discipline) भी पैदा करता है। जब आप शारीरिक रूप से सक्रिय (Active) होते हैं, तो मानसिक दृढ़ता (Mental Toughness) अपने आप विकसित होती है।
एसएसबी (SSB) साक्षात्कार और लिखित परीक्षा (Written Exam) का डर तभी खत्म होगा जब आपकी तैयारी (Preparation) पुख्ता होगी। सामान्य ज्ञान (General Knowledge) और अंग्रेजी संचार (English Communication) पर पकड़ बनाने के लिए प्रतिदिन अखबार पढ़ें। प्रेरणा के लिए परमवीर चक्र (Param Vir Chakra) विजेताओं की वीरता की कहानियाँ सुनें। उनकी बहादुरी आपके रोंगटे खड़े कर देगी और आपको अपनी मातृभूमि की सेवा (Service to Motherland) करने के लिए प्रेरित करेगी। वर्दी (Uniform) के प्रति आपका आकर्षण आपका सबसे बड़ा प्रेरक बल (Driving Force) होना चाहिए।
सकारात्मकता (Positivity) के लिए 'ऑफिसर लाइक क्वालिटीज' (Officer Like Qualities) को अपने व्यवहार में शामिल करें। समय की पाबंदी (Punctuality) और ईमानदारी (Honesty) जैसे गुण आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएंगे। डर (Fear) को अपनी ताकत (Strength) बनाएँ; उसे स्वीकार करें और उसका सामना करने के लिए तैयार रहें। समूह चर्चा (Group Discussion) और सार्वजनिक भाषण (Public Speaking) का अभ्यास करें ताकि आपका संकोच दूर हो सके। एक निडर व्यक्तित्व (Fearless Personality) ही एनडीए में सफल होता है।
अपनी तैयारी में निरंतरता (Consistency) बनाए रखें और कभी भी शॉर्टकट (Shortcut) न ढूँढें। खडकवासला के उस प्रतिष्ठित अकादमी परिसर (Academy Campus) की तस्वीर अपने सामने रखें। वह गौरवशाली जीवन (Glorious Life) पाने के लिए आज का कठिन परिश्रम (Hard Work) बहुत छोटा निवेश है। अपने भीतर के नेतृत्व गुण (Leadership Qualities) को पहचानें और हमेशा पहल (Initiative) करने के लिए तैयार रहें। देश सेवा का जुनून (Passion) ही आपकी थकान को ऊर्जा में बदल देगा।
एनडीए (NDA) की इस यात्रा में हार जैसी कोई चीज नहीं होती, या तो आप जीतते हैं या सीखते हैं। अपने माता-पिता और देश के मान-सम्मान के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दें। एक योद्धा (Warrior) कभी मैदान नहीं छोड़ता, वह तब तक लड़ता है जब तक वह जीत नहीं जाता। आपका साहस (Courage) और दृढ़ संकल्प ही आपको भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) का हिस्सा बनाएगा। 'जय हिंद' का नारा ही आपकी रगों में दौड़ता हुआ खून होना चाहिए।