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रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) द्वारा आयोजित ग्रुप डी और असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) की परीक्षाओं का पैटर्न काफी तकनीकी और प्रतिस्पर्धी होता है। ग्रुप डी के लिए एकल चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) होती है, जबकि एएलपी के लिए दो चरणों (CBT-1 और CBT-2) के बाद एप्टीट्यूड टेस्ट (Aptitude Test) भी देना पड़ता है। इन परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान (General Science) का बहुत अधिक वेटेज होता है, जहाँ भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान के प्रश्न सीधे तौर पर एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों से पूछे जाते हैं। नकारात्मक अंकन (Negative Marking) के रूप में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काटा जाता है।

गणित (Mathematics) के खंड में रेलवे विशेष रूप से अंकगणित (Arithmetic) और संख्यात्मक अभिरुचि (Numerical Aptitude) पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें सरलीकरण (Simplification), समय और कार्य (Time and Work), तथा ब्याज (Interest) जैसे विषयों से कठिन गणना वाले प्रश्न आते हैं। एएलपी परीक्षा में तकनीकी ड्राइंग (Technical Drawing) और बुनियादी इंजीनियरिंग (Basic Engineering) के प्रश्न भी दूसरे चरण में शामिल किए जाते हैं। रेलवे की परीक्षाओं में गति (Speed) और सटीकता (Accuracy) ही सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।

सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति (General Intelligence and Reasoning) के भाग में श्रृंखला (Series), सादृश्यता (Analogy), और कथन-निष्कर्ष (Statement-Conclusion) जैसे विश्लेषणात्मक प्रश्न (Analytical Questions) पूछे जाते हैं। डेटा पर्याप्तता (Data Sufficiency) और वेन आरेख (Venn Diagrams) के प्रश्न अभ्यर्थी की तार्किक क्षमता की गहराई को जांचते हैं। रेलवे की परीक्षा में गैर-मौखिक तर्कशक्ति (Non-verbal Reasoning) के चित्र आधारित सवाल भी काफी संख्या में आते हैं। इस खंड में निरंतर अभ्यास से समय की बचत की जा सकती है।

सामान्य जागरूकता (General Awareness) के अंतर्गत समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) के अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science and Technology), खेल, और संस्कृति से प्रश्न बनते हैं। रेलवे से जुड़े तथ्य और भारतीय रेलवे का इतिहास (History of Indian Railways) भी सामान्य ज्ञान का हिस्सा होते हैं। एएलपी उम्मीदवारों के लिए उनके संबंधित ट्रेड (Relevant Trade) जैसे इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल का तकनीकी ज्ञान होना सीबीटी-2 के पार्ट-बी को पास करने के लिए अनिवार्य है। यह क्वालीफाइंग प्रकृति (Qualifying Nature) का होता है।

लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) आयोजित की जाती है, जिसमें वजन उठाकर दौड़ना और लंबी दूरी की दौड़ शामिल है। एएलपी के लिए कंप्यूटर आधारित साइको टेस्ट (Computer Based Psycho Test) लिया जाता है जो एकाग्रता और त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) की जांच करता है। चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination) रेलवे भर्ती का सबसे सख्त चरण है, जहाँ दृष्टि मानक (Vision Standards) बहुत ऊँचे होते हैं। अंतिम मेधा सूची (Final Merit List) लिखित परीक्षा के अंकों और अन्य परीक्षणों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाती है।

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रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) द्वारा आयोजित ग्रुप डी और असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) की परीक्षाओं का पैटर्न काफी तकनीकी और प्रतिस्पर्धी होता है। ग्रुप डी के लिए एकल चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) होती है, जबकि एएलपी के लिए दो चरणों (CBT-1 और CBT-2) के बाद एप्टीट्यूड टेस्ट (Aptitude Test) भी देना पड़ता है। इन परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान (General Science) का बहुत अधिक वेटेज होता है, जहाँ भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान के प्रश्न सीधे तौर पर एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों से पूछे जाते हैं। नकारात्मक अंकन (Negative Marking) के रूप में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काटा जाता है।

गणित (Mathematics) के खंड में रेलवे विशेष रूप से अंकगणित (Arithmetic) और संख्यात्मक अभिरुचि (Numerical Aptitude) पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें सरलीकरण (Simplification), समय और कार्य (Time and Work), तथा ब्याज (Interest) जैसे विषयों से कठिन गणना वाले प्रश्न आते हैं। एएलपी परीक्षा में तकनीकी ड्राइंग (Technical Drawing) और बुनियादी इंजीनियरिंग (Basic Engineering) के प्रश्न भी दूसरे चरण में शामिल किए जाते हैं। रेलवे की परीक्षाओं में गति (Speed) और सटीकता (Accuracy) ही सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।

सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति (General Intelligence and Reasoning) के भाग में श्रृंखला (Series), सादृश्यता (Analogy), और कथन-निष्कर्ष (Statement-Conclusion) जैसे विश्लेषणात्मक प्रश्न (Analytical Questions) पूछे जाते हैं। डेटा पर्याप्तता (Data Sufficiency) और वेन आरेख (Venn Diagrams) के प्रश्न अभ्यर्थी की तार्किक क्षमता की गहराई को जांचते हैं। रेलवे की परीक्षा में गैर-मौखिक तर्कशक्ति (Non-verbal Reasoning) के चित्र आधारित सवाल भी काफी संख्या में आते हैं। इस खंड में निरंतर अभ्यास से समय की बचत की जा सकती है।

सामान्य जागरूकता (General Awareness) के अंतर्गत समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) के अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science and Technology), खेल, और संस्कृति से प्रश्न बनते हैं। रेलवे से जुड़े तथ्य और भारतीय रेलवे का इतिहास (History of Indian Railways) भी सामान्य ज्ञान का हिस्सा होते हैं। एएलपी उम्मीदवारों के लिए उनके संबंधित ट्रेड (Relevant Trade) जैसे इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल का तकनीकी ज्ञान होना सीबीटी-2 के पार्ट-बी को पास करने के लिए अनिवार्य है। यह क्वालीफाइंग प्रकृति (Qualifying Nature) का होता है।

लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) आयोजित की जाती है, जिसमें वजन उठाकर दौड़ना और लंबी दूरी की दौड़ शामिल है। एएलपी के लिए कंप्यूटर आधारित साइको टेस्ट (Computer Based Psycho Test) लिया जाता है जो एकाग्रता और त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) की जांच करता है। चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination) रेलवे भर्ती का सबसे सख्त चरण है, जहाँ दृष्टि मानक (Vision Standards) बहुत ऊँचे होते हैं। अंतिम मेधा सूची (Final Merit List) लिखित परीक्षा के अंकों और अन्य परीक्षणों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाती है।
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