ई-कॉमर्स (E-commerce) क्षेत्र में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप ग्राहकों की जरूरतों को कितनी अच्छी तरह पहचानते हैं। मांग का पूर्वानुमान (Demand Forecasting) डेटा विज्ञान की एक ऐसी तकनीक है जो भविष्य में किसी उत्पाद की बिक्री का अनुमान लगाने में मदद करती है। इसमें पिछले वर्षों के बिक्री डेटा (Sales Data), मौसमी बदलावों (Seasonal Changes) और वर्तमान बाजार स्थितियों का विश्लेषण किया जाता है।
मशीन लर्निंग (Machine Learning) के उन्नत मॉडल बाहरी कारकों जैसे त्योहारों, छुट्टियों और यहाँ तक कि मौसम के पूर्वानुमान का भी डेटा शामिल करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि डेटा यह संकेत देता है कि इस साल सर्दी जल्दी आएगी, तो सिस्टम ऊनी कपड़ों की मांग (Demand) बढ़ने का संकेत पहले ही दे देता है। इससे विक्रेताओं को अपना स्टॉक (Stock) समय पर तैयार करने में मदद मिलती है।
लागत प्रबंधन (Cost Management) में इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। जब किसी कंपनी को पता होता है कि कितनी मात्रा में माल बिकने वाला है, तो वह वेयरहाउस (Warehouse) का किराया और लॉजिस्टिक्स (Logistics) के खर्चों को कम कर सकती है। डेटा-संचालित (Data-driven) निर्णय लेने से उत्पादों की बर्बादी कम होती है और कंपनी की परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) में सुधार होता है।
विपणन अभियानों (Marketing Campaigns) की सफलता दर बढ़ाने के लिए भी पूर्वानुमान का उपयोग होता है। यदि डेटा यह बताता है कि किसी विशेष क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (Electronic Gadgets) की मांग बढ़ने वाली है, तो कंपनियाँ उसी क्षेत्र में अपने विज्ञापन केंद्रित कर सकती हैं। यह लक्षित मार्केटिंग (Targeted Marketing) न केवल बिक्री बढ़ाती है बल्कि ग्राहकों को उनकी पसंद के उत्पाद भी आसानी से उपलब्ध कराती है।
डिलीवरी नेटवर्क (Delivery Network) को मजबूत करने के लिए भी मांग के डेटा का उपयोग किया जाता है। भविष्य की मांग को देखते हुए वितरण केंद्रों (Distribution Centers) पर पहले से ही स्टाफ और वाहनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे ग्राहकों को फास्ट डिलीवरी (Fast Delivery) की सुविधा मिलती है, जो आज के समय में ग्राहक संतुष्टि (Customer Satisfaction) का सबसे बड़ा मानक बन चुका है और व्यापार को प्रतिस्पर्धी बनाए रखता है।