रिटेल (Retail) उद्योग में ऑगमेंटेड रियलिटी (Augmented Reality) ग्राहकों के खरीदारी के अनुभव को बदल रही है। 'ट्राई-बिफोर-यू-बाय' (Try-before-you-buy) फीचर ग्राहकों को अनुमति देता है कि वे सामान खरीदने से पहले उसे अपने ऊपर या अपने घर में देख सकें। उदाहरण के लिए, लेंसकार्ट (Lenskart) के ऐप पर आप अपना चेहरा स्कैन करके देख सकते हैं कि कौन सा चश्मा (Frame) आप पर सबसे अच्छा लगेगा। इससे खरीदारी में होने वाली दुविधा कम हो जाती है।
फर्नीचर और घरेलू सजावट के क्षेत्र में ई-कॉमर्स (E-commerce) कंपनियां एआर (AR) का बहुत प्रभावशाली उपयोग कर रही हैं। इकेया प्लेस (IKEA Place) ऐप के माध्यम से आप किसी भी सोफे या मेज को अपने कमरे के कोने में रखकर देख सकते हैं कि वह वहां फिट होगा या नहीं। यह 'स्पेशियल मैपिंग' (Spatial Mapping) तकनीक का उपयोग करता है जो आपके कमरे की दूरी और आकार को सटीक रूप से मापता है। इससे गलत सामान खरीदने की चिंता खत्म हो जाती है।
फैशन और कॉस्मेटिक्स (Cosmetics) के क्षेत्र में एआर (AR) 'वर्चुअल मेकअप' (Virtual Makeup) और 'वर्चुअल फिटिंग रूम' (Virtual Fitting Room) की सुविधा देता है। नायका (Nykaa) जैसी वेबसाइटों पर आप अलग-अलग लिपस्टिक या आईशैडो के शेड्स (Shades) को अपने चेहरे पर वर्चुअली लगाकर देख सकते हैं। यह तकनीक न केवल समय बचाती है बल्कि ग्राहकों को अधिक आत्मविश्वास (Confidence) के साथ खरीदारी करने के लिए प्रेरित करती है।
रिटेलर्स के लिए एआर (AR) तकनीक उत्पादों की वापसी (Product Returns) की दर को कम करने में बहुत सहायक है। जब ग्राहक पहले ही देख लेते हैं कि कोई वस्तु उनके वातावरण या शरीर पर कैसी दिखेगी, तो असंतुष्टि की संभावना कम हो जाती है। यह ई-कॉमर्स (E-commerce) कंपनियों के लॉजिस्टिक्स (Logistics) खर्च को बचाता है और लाभ को बढ़ाता है। यह तकनीक व्यापारिक दृष्टि से एक गेम-चेंजर (Game-changer) साबित हो रही है।
आने वाले समय में एआर (AR) आधारित विज्ञापन (Advertisements) और भी व्यक्तिगत हो जाएंगे। आप बस अपने फोन के कैमरे को किसी पोस्टर या क्यूआर कोड (QR Code) की तरफ करेंगे और उत्पाद की पूरी जानकारी और 3डी डेमो (3D Demo) आपके सामने होगा। यह इंटरैक्टिव मार्केटिंग (Interactive Marketing) ग्राहकों को ब्रांड के साथ जोड़ती है। रिटेल का भविष्य अब स्क्रीन से निकलकर हमारी आंखों के सामने की दुनिया में समा रहा है।