सोशल मीडिया (Social Media) पर अपनी निजी जानकारी को सार्वजनिक (Public) रखना आपको साइबर स्टॉकिंग (Cyber Stalking) का शिकार बना सकता है। अपनी प्रोफाइल की 'प्राइवेसी सेटिंग्स' (Privacy Settings) में जाकर यह सुनिश्चित करें कि आपकी पोस्ट, फोटो और संपर्क जानकारी केवल आपके दोस्तों (Friends) को ही दिखाई दे। अपनी जन्मतिथि, घर का पता और फोन नंबर जैसे संवेदनशील डेटा को छिपाकर रखना ही समझदारी है।
फ्रेंड रिक्वेस्ट (Friend Request) स्वीकार करते समय सावधानी बरतें। अनजान लोगों के साथ जुड़ना आपके डेटा की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। कई बार हैकर्स 'कैटफिशिंग' (Catfishing) के जरिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर आपकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी तस्वीरें या गोपनीय बातें साझा न करें, क्योंकि इनका उपयोग बाद में ब्लैकमेलिंग (Blackmailing) के लिए किया जा सकता है।
थर्ड-पार्टी ऐप्स (Third-party Apps) को अपने सोशल मीडिया अकाउंट का एक्सेस (Access) देने से पहले सोचें। अक्सर हम 'क्विज' या 'गेम' खेलने के चक्कर में इन ऐप्स को अपनी प्रोफाइल की जानकारी पढ़ने की अनुमति दे देते हैं। ये ऐप्स आपके डेटा को विज्ञापन कंपनियों या डेटा ब्रोकर्स (Data Brokers) को बेच सकते हैं। समय-समय पर अपने अकाउंट की 'ऐप्स एंड वेबसाइट्स' सेटिंग्स की जांच करें और अनावश्यक पहुँच को हटा दें।
लोकेशन टैगिंग (Location Tagging) का उपयोग सोच-समझकर करें। अपनी हर गतिविधि और वर्तमान स्थान (Current Location) को लाइव अपडेट करने से अपराधियों को आपकी दिनचर्या (Routine) का पता चल जाता है। फोटो अपलोड करते समय 'जियो-टैगिंग' (Geo-tagging) को बंद रखें ताकि आपकी तस्वीरों के मेटाडेटा (Metadata) से आपके घर या कार्यालय के सटीक स्थान का पता न चल सके।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट के लिए 'लॉगिन अलर्ट' (Login Alerts) सक्रिय करें। इससे जब भी कोई नए डिवाइस या स्थान से आपके खाते में लॉगिन करने की कोशिश करेगा, तो आपको तुरंत ईमेल या मैसेज के जरिए सूचना मिल जाएगी। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) के साथ ये सेटिंग्स आपकी डिजिटल पहचान (Digital Identity) को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं।