रिग्रेशन टेस्टिंग (Regression Testing) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोड (Code) में किए गए नए बदलावों या सुधारों की वजह से पुराने फीचर्स (Features) खराब न हुए हों। जब सॉफ्टवेयर (Software) का आकार बढ़ता है, तो हर बार मैन्युअल (Manual) रूप से पूरी जांच करना असंभव और थकाऊ हो जाता है। ऑटोमेशन (Automation) इस समस्या का सबसे सटीक समाधान है क्योंकि यह पुराने टेस्ट केस (Test Cases) को बिना किसी मानवीय गलती के बार-बार चलाने की सुविधा देता है।
समय की बचत ऑटोमेशन (Automation) का सबसे प्रत्यक्ष लाभ है। एक रिग्रेशन सूट (Regression Suite) में हजारों परीक्षण शामिल हो सकते हैं जिन्हें मैन्युअल रूप से पूरा करने में कई दिन लग सकते हैं। ऑटोमेशन टूल्स (Automation Tools) इन परीक्षणों को रात भर या कुछ ही घंटों में पूरा कर सकते हैं। इससे विकास टीम (Development Team) को जल्दी फीडबैक (Feedback) मिलता है और वे अगले फीचर्स पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की गति बढ़ती है।
लागत प्रभावशीलता (Cost Effectiveness) लंबे समय में ऑटोमेशन (Automation) के जरिए ही हासिल की जा सकती है। हालांकि शुरुआती दौर में स्क्रिप्ट (Script) लिखने और टूल्स खरीदने में निवेश करना पड़ता है, लेकिन बार-बार होने वाले परीक्षणों में यह मानव संसाधनों (Human Resources) के खर्च को कम कर देता है। एक बार स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद, उसे बिना किसी अतिरिक्त लागत के अनगिनत बार चलाया जा सकता है, जो कंपनी के बजट के लिए बहुत अच्छा है।
सटीकता और विश्वसनीयता (Accuracy and Reliability) के मामले में ऑटोमेशन (Automation) बेजोड़ है। बार-बार एक ही काम करने पर इंसान थक सकता है और छोटी-छोटी गलतियाँ कर सकता है, लेकिन एक ऑटोमेशन स्क्रिप्ट (Automation Script) हर बार उसी सटीकता के साथ परिणाम देती है। यह स्थिरता (Consistency) विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों जैसे बैंकिंग या स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) के ऐप्स के लिए बहुत जरूरी है जहाँ एक छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है।
निरंतर एकीकरण (Continuous Integration - CI) पाइपलाइन के साथ इसका जुड़ाव आधुनिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (Software Engineering) की जरूरत है। जैसे ही कोई डेवलपर कोड जमा (Commit) करता है, ऑटोमेटेड रिग्रेशन टेस्ट (Automated Regression Tests) अपने आप चलने लगते हैं। यह तत्काल सत्यापन (Immediate Validation) सुनिश्चित करता है कि सॉफ्टवेयर हमेशा काम करने की स्थिति (Working Condition) में रहे, जो ग्राहकों को एक उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद (High Quality Product) प्रदान करने में मदद करता है।