बोलने का परीक्षण (Speaking Test) एक आमने-सामने का साक्षात्कार (Interview) होता है जो 11 से 14 मिनट तक चलता है। यह आपकी मौखिक संवाद क्षमता (Oral Communication Skills) को परखने के लिए तीन भागों में विभाजित है। पहले भाग में परीक्षक आपसे आपके घर, परिवार, काम और रुचियों (Interests) जैसे सामान्य विषयों पर परिचय (Introduction) पूछता है, जो आपको सहज बनाने के लिए होता है।
दूसरे भाग को 'क्यू कार्ड' (Cue Card) राउंड कहा जाता है, जहाँ आपको एक विषय दिया जाता है जिस पर आपको 1-2 मिनट तक लगातार बोलना होता है। बोलने से पहले आपको सोचने और नोट्स (Notes) बनाने के लिए 1 मिनट का समय दिया जाता है। यहाँ आपकी धाराप्रवाहता (Fluency) और विचारों को बिना रुके व्यक्त करने की क्षमता की परीक्षा होती है। यह भाग आपकी आत्मविश्वास (Confidence) की असली परीक्षा है।
तीसरे भाग में क्यू कार्ड के विषय से संबंधित अधिक गहन और अमूर्त (Abstract) चर्चा की जाती है। यहाँ परीक्षक आपकी राय (Opinion) जानने की कोशिश करता है और यह देखता है कि आप जटिल मुद्दों पर कितनी गहराई से बात कर सकते हैं। इसमें आपके वाक्यों की जटिलता और विचारों के विस्तार (Extension of Ideas) को मापा जाता है। यह भाग काफी विश्लेषणात्मक (Analytical) होता है।
स्कोरिंग के लिए चार प्रमुख बिंदु देखे जाते हैं: प्रवाह और सुसंगति (Fluency and Cohesion), शब्दावली (Vocabulary), व्याकरणिक सीमा और सटीकता (Grammar) और उच्चारण (Pronunciation)। उच्चारण का अर्थ विदेशी लहजे की नकल करना नहीं है, बल्कि स्पष्ट बोलना (Clarity) है ताकि परीक्षक आपकी बात समझ सके। व्याकरण की विविधता दिखाना आपके उच्च स्तर के भाषा ज्ञान को दर्शाता है।
अभ्यास के लिए खुद को रिकॉर्ड करना और अपनी आवाज सुनना बहुत मददगार होता है। घबराहट (Nervousness) से बचने के लिए गहरी सांस लें और उत्तर को बहुत छोटा न रखें। यदि आपको प्रश्न समझ न आए, तो आप विनम्रता से परीक्षक से उसे दोहराने (Repeat) के लिए कह सकते हैं। यह खंड आपकी वास्तविक बातचीत की शैली (Natural Conversation Style) को उजागर करता है।