feeling express करने में दिक्कत इसलिए होती है क्योंकि हम सोचते हैं कि सामने वाले गलत समझेंगे। सबसे पहले खुद को इस डर से मुक्त करें। धीरे-धीरे छोटी बातों से शुरुआत करें। छोटी emotions express करना आसान होता है।
आप जो महसूस कर रहे हैं, उसे simple words में बोलने की कोशिश करें। बड़े या भारी words की जरूरत नहीं है। सीधी बात अक्सर लोगों को ज्यादा साफ समझ आती है। इस clarity से misunderstanding कम होती है।
कभी-कभी लिखकर भी emotions समझाए जा सकते हैं। अगर बोलने में hesitation है तो short note देकर बात करें। लिखने से मन भी शांत होता है और सामने वाला आपके मन की बात बेहतर समझ पाता है। ये तरीका बहुत असरदार है।
जब भी किसी से बात करें, शांत और soft tone रखें। tone आपकी emotions का आधा meaning बता देती है। calm tone से सामने वाला भी cooperative हो जाता है। इससे बातचीत smooth रहती है।
regular small talks से trust बनता है। जब trust बनता है तो emotional sharing आसान हो जाती है। धीरे-धीरे आपका mind open होने लगता है। कुछ समय में आप अपनी बात आसानी से और confidently बता पाएंगे।