आदतें बनती हैं छोटे और simple steps से। शुरुआत में लोग बहुत बड़ी habit चुन लेते हैं, जिससे दिमाग डर जाता है। अगर आप सिर्फ दो मिनट वाली छोटी habit शुरू करते हैं, तो दिमाग उसे as a threat नहीं मानता। इससे habit naturally टिकती है और आगे खुद-ब-खुद बढ़ती है।
Habit को किसी existing routine से जोड़ना भी helpful है। जैसे सुबह चाय बनाते समय दो मिनट reading या रात को brushing से पहले एक minute breathing। जब habit किसी fixed चीज से जुड़ जाती है तो उसे भूलना मुश्किल होता है। यही तरीका long-term habit बनाता है।
अपने environment को habit-friendly बनाओ। जैसे अगर आपको reading habit बनानी है तो किताब bed के पास रखो। अगर stretching करनी है तो mat वहीं रखो जहाँ आप रोज़ से गुजरते हो। environment ही आपका biggest support बन जाता है और habit बिना stress के चलती रहती है।
अपने आप पर pressure मत डालो। जब habit टूट जाए, तो guilt लेने के बजाय वापस start करो। habit building एक natural process है जिसमें ups और downs आते ही हैं। जितना आप guilt कम करोगे, उतनी जल्दी habit वापस strong बनेगी।
Progress छोटी दिखे तो भी उसे note करो। mind छोटी progress को भी achievement मानने लगता है। यही छोटी उपलब्धियाँ habit को long-term तक बनाए रखती हैं। habit building एक slow लेकिन powerful journey है।