तरुण मेहता और स्वप्निल जैन ने आईआईटी मद्रास (IIT Madras) में पढ़ाई के दौरान ही एथर एनर्जी (Ather Energy) का विचार विकसित किया था। उन्होंने महसूस किया कि भारत के इलेक्ट्रिक दोपहिया (Electric Two-wheelers) बाज़ार में केवल सस्ते और खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों की भरमार थी। उन्होंने एक 'मेड इन इंडिया' (Made in India) प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने का फैसला किया जो प्रदर्शन (Performance) और तकनीक (Technology) में किसी भी पेट्रोल स्कूटर से बेहतर हो। उनकी कड़ी मेहनत ने 'एथर 450' जैसे क्रांतिकारी उत्पाद (Revolutionary Product) को जन्म दिया।
कंपनी की सबसे बड़ी जीत उनका अपना लिथियम-आयन बैटरी पैक (Lithium-ion Battery Pack) और सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित करना था। उन्होंने अपने स्कूटरों में एक टचस्क्रीन डैशबोर्ड (Touchscreen Dashboard) दिया जो गूगल मैप्स (Google Maps) और डायग्नोस्टिक्स जैसी स्मार्ट सुविधाएं प्रदान करता है। इस 'स्मार्ट मोबिलिटी' (Smart Mobility) के अनुभव ने युवाओं और तकनीक प्रेमी ग्राहकों को बहुत आकर्षित किया। उन्होंने अपनी खुद की चार्जिंग ग्रिड (Ather Grid) भी बनाई ताकि ग्राहकों को रेंज की चिंता (Range Anxiety) न हो।
सफलता के मार्ग में उन्हें फ्लिपकार्ट (Flipkart) के संस्थापकों और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) जैसे दिग्गजों से भारी निवेश (Investment) प्राप्त हुआ। इस पूंजी (Capital) का उपयोग उन्होंने अपनी निर्माण इकाई (Manufacturing Unit) और वितरण नेटवर्क (Distribution Network) के विस्तार में किया। उन्होंने अपनी डिज़ाइनिंग (Designing) पर बहुत ध्यान दिया ताकि स्कूटर न केवल चलने में बल्कि दिखने में भी भविष्यवादी (Futuristic) लगे। उन्होंने सीधे ग्राहकों को उत्पाद बेचने (D2C) का मॉडल अपनाया जिससे ग्राहकों का अनुभव और बेहतर हुआ।
एथर ने डेटा (Data) का उपयोग करके अपने वाहनों के प्रदर्शन को लगातार सुधारने के लिए 'ओवर-द-एयर' (Over-the-air Updates) सॉफ्टवेयर अपडेट दिए। इसका मतलब था कि ग्राहकों का स्कूटर समय के साथ और बेहतर होता गया। उन्होंने बैटरी की लाइफ (Battery Life) और सुरक्षा (Security) को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया। उनके शोरूम, जिन्हें 'एथर स्पेस' कहा जाता है, ग्राहकों को इलेक्ट्रिक क्रांति (Electric Revolution) का अनुभव कराने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए।
आज एथर एनर्जी भारत की सबसे मूल्यवान और सफल इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों (EV Companies) में से एक है। उनकी कहानी यह सिखाती है कि यदि आप उत्पाद की गुणवत्ता (Product Quality) और नवाचार (Innovation) पर अडिग रहते हैं, तो आप एक पूरा नया बाज़ार खड़ा कर सकते हैं। उन्होंने तकनीक (Technology) के माध्यम से जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) पर हमारी निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा काम किया है। यह स्टार्टअप (Startup) हरित भारत के सपने को हकीकत में बदल रहा है।