हरियाणा राज्य में अरावली पर्यटन (Tourism) का अनुभव करने के लिए गुरुग्राम और रेवाड़ी के इलाके बहुत ही खास हैं। सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य (Sultanpur Bird Sanctuary) अरावली की तलहटी में स्थित एक प्रमुख गंतव्य है जहाँ सर्दियों में विदेशी पक्षी (Migratory Birds) डेरा डालते हैं। यहाँ की शांत झील और चारों ओर फैली हरियाली शहर की भागदौड़ से दूर एक शांतिपूर्ण वातावरण (Peaceful Environment) प्रदान करती है। बर्ड वाचिंग (Bird Watching) के शौकीनों के लिए यह एक अनिवार्य भ्रमण स्थल है।
गुरुग्राम का अरावली जैव विविधता पार्क (Aravali Biodiversity Park) प्रकृति और शहरी विकास के संतुलन का एक अद्भुत उदाहरण है। यहाँ की पगडंडियों पर पैदल चलना (Nature Walk) आपको स्थानीय पेड़ों और औषधीय पौधों (Medicinal Plants) से परिचित कराता है। इस पार्क को बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अब यहाँ सियार और नीलगाय जैसे वन्यजीव (Wildlife) भी देखे जा सकते हैं। परिवार के साथ पिकनिक (Picnic) मनाने और शुद्ध हवा लेने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है।
रेवाड़ी जिले में स्थित 'धारूहेड़ा' और 'बावल' की पहाड़ियों में कई प्राचीन धरोहरें और किलेनुमा संरचनाएं (Fort Structures) मौजूद हैं। यहाँ का 'मसाणी बैराज' और आसपास के पहाड़ी दृश्य फोटोग्राफी (Photography) के लिए बहुत सुंदर पृष्ठभूमि (Background) तैयार करते हैं। इन क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) को भी काफी बढ़ावा मिल रहा है जहाँ आप खेतों की सैर और पारंपरिक हरियाणवी भोजन (Haryanvi Food) का आनंद ले सकते हैं। अरावली का यह शांत हिस्सा आपको मिट्टी से जुड़ाव का अहसास कराता है।
दमदमा झील (Damdama Lake) जो अरावली की पहाड़ियों से घिरी हुई है, नौकायन (Boating) और एडवेंचर कैंपों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के रिजॉर्ट्स (Resorts) में ठहरकर आप पहाड़ी ढलानों पर ट्रेकिंग और जिप-लाइनिंग (Zip-lining) का मज़ा ले सकते हैं। अरावली का यह क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा पिकनिक स्पॉट (Picnic Spot) बन गया है। रात के समय अरावली की पहाड़ियों के बीच कैंपिंग (Camping) और अलाव (Bonfire) का अनुभव बहुत ही रोमांचक होता है।
हरियाणा सरकार अब अरावली क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा सफारी पार्क (Safari Park) विकसित कर रही है, जो पर्यटन (Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस परियोजना से वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पर्यटकों के लिए पहाड़ियों में विशेष ईको-ट्रेल (Eco-trails) बनाए जा रहे हैं ताकि वे प्रकृति को बिना नुकसान पहुँचाए देख सकें। हरियाणा के अरावली में बिताया गया समय आपको एक अलग ही ताजगी और सुकून (Relief) से भर देता है।