हाल के वर्षों में कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर आयोजित परेड में महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की एक शानदार झलक देखने को मिलती है। विभिन्न सैन्य टुकड़ियों (Military Contingents) और अर्धसैनिक बलों का नेतृत्व अब महिला अधिकारी गर्व के साथ कर रही हैं। 'नारी शक्ति' (Nari Shakti) को समर्पित विशेष झांकियां और दस्ते भारत की आधी आबादी के बढ़ते प्रभाव और साहस को प्रदर्शित करते हैं।
भारतीय सेना की मोटरसाइकिल टीम (Motorcycle Team) में महिला जांबाजों के साहसी करतब दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देते हैं। ये जांबाज महिलाएं कठिन संतुलन और शौर्य (Valor) का प्रदर्शन करते हुए रूढ़ियों को तोड़ती हैं। फ्लाईपास्ट (Flypast) में भी महिला पायलट अब फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टर्स के माध्यम से आसमान की ऊंचाइयों को छू रही हैं।
विभिन्न मंत्रालयों की झांकियों (Tableaux) में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक योगदान (Economic Contribution) को मुख्य विषय के रूप में रखा जाता है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की सफल महिलाओं और महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को विशेष स्थान दिया जाता है। कर्तव्य पथ (Kartavya Path) का यह मंच दुनिया को संदेश देता है कि भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका अपरिहार्य है।
सशस्त्र बलों (Armed Forces) में महिलाओं की स्थायी कमीशन (Permanent Commission) और युद्धक भूमिकाओं में बढ़ती भागीदारी इस परेड का गौरव बढ़ाती है। जब महिला मार्चिंग दस्ता (Marching Contingent) कदमताल करते हुए राष्ट्रपति को सलामी देता है, तो वह दृश्य नारी शक्ति की दृढ़ इच्छाशक्ति (Willpower) का प्रतीक बन जाता है। यह नई पीढ़ी की लड़कियों के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Programs) में भी महिला कलाकारों द्वारा लोक नृत्यों और शास्त्रीय कलाओं का प्रदर्शन किया जाता है। कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर होने वाला यह आयोजन इस बात का साक्षी है कि भारत अब लैंगिक समानता (Gender Equality) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नारी शक्ति का यह भव्य रूप राष्ट्र के आत्मविश्वास (Confidence) को दर्शाता है।