वीरता पुरस्कार (Gallantry Awards) से सम्मानित जांबाज योद्धाओं को भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार के भत्ते और वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान की जाती है। रक्षा मंत्रालय की ओर से इन विजेताओं को मासिक मौद्रिक भत्ता (Monthly Monetary Allowance) मिलता है, जिसकी राशि पुरस्कार की श्रेणी के अनुसार निर्धारित होती है। यह आर्थिक सहयोग उनके और उनके परिवार के सम्मानजनक जीवन (Dignified Life) को सुनिश्चित करने के लिए दिया जाता है।
विजेताओं को भारतीय रेल (Indian Railways) में आजीवन प्रथम श्रेणी या द्वितीय श्रेणी के मुफ्त पास (Complimentary Passes) की सुविधा मिलती है। इसके साथ ही, हवाई यात्रा (Air Travel) के टिकटों में भी भारी रियायत (Discount) प्रदान की जाती है। कई राज्य सरकारें इन वीरों को भूमि आवंटन (Land Allotment) या आवास बोर्ड की योजनाओं में विशेष आरक्षण (Reservation) और प्राथमिकता देती हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में, वीरता पुरस्कार विजेताओं के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों और अन्य सरकारी शिक्षण संस्थानों (Educational Institutions) में प्रवेश के लिए विशेष कोटा मिलता है। उनकी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति (Scholarship) और अन्य वित्तीय लाभ भी दिए जाते हैं। यह व्यवस्था राष्ट्र की ओर से उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता (Gratitude) व्यक्त करने का एक तरीका है जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया है।
टेलीफोन कनेक्शन, टोल टैक्स में छूट और आयकर (Income Tax) की कुछ श्रेणियों में रियायत जैसे अन्य लाभ भी इन नायकों को मिलते हैं। सार्वजनिक समारोहों और राष्ट्रीय पर्वों (National Festivals) पर इन्हें विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। पुरस्कार विजेता के निधन के बाद, यह वित्तीय लाभ उनकी विधवाओं या नामांकित आश्रितों (Dependents) को हस्तांतरित कर दिए जाते हैं।
सेना के कैंटीन और चिकित्सा सुविधाओं (Medical Facilities) में भी इन विजेताओं को प्राथमिकता दी जाती है। प्रत्येक राज्य की अपनी अलग नीति (Policy) होती है, जिसके तहत वे नकद पुरस्कार (Cash Award) और वार्षिक अनुदान भी देते हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन साहसी व्यक्तियों को समाज में एक प्रतिष्ठित स्थान (Distinguished Position) दिलाना और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना है।