पद्म पुरस्कार प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) के ऐतिहासिक दरबार हॉल (Durbar Hall) में एक भव्य नागरिक अलंकरण समारोह (Civilian Investiture Ceremony) आयोजित किया जाता है। यह समारोह आमतौर पर हर साल मार्च या अप्रैल के महीने में होता है। समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति (President) के आगमन के साथ होती है, जिनके स्वागत में राष्ट्रगान (National Anthem) बजाया जाता है। यह एक अत्यंत औपचारिक और गरिमामयी कार्यक्रम होता है जिसमें देश का शीर्ष नेतृत्व शामिल होता है।
अलंकरण समारोह के दौरान राष्ट्रपति एक-एक करके पुरस्कार विजेताओं (Awardees) को पदक और सनद (Certificate) प्रदान करते हैं। जब किसी विजेता का नाम पुकारा जाता है, तो उनकी संक्षिप्त जीवनी और उपलब्धियों का विवरण पढ़ा जाता है। विजेता राष्ट्रपति के पास जाकर अभिवादन करते हैं और अपना सम्मान ग्रहण करते हैं। इस क्षण की गरिमा बनाए रखने के लिए बैठने की व्यवस्था और अतिथियों की सूची (Guest List) का कड़ाई से पालन किया जाता है।
समारोह में उपराष्ट्रपति (Vice President), प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित रहते हैं। विदेशी राजदूत और गणमान्य नागरिक भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनते हैं। सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) अत्यंत कड़ी होती है और प्रत्येक अतिथि को विशेष निमंत्रण पत्र (Invitation Card) के आधार पर ही प्रवेश दिया जाता है। समारोह का सीधा प्रसारण (Live Telecast) दूरदर्शन पर किया जाता है ताकि पूरा देश इन नायकों का सम्मान देख सके।
पुरस्कार वितरण के बाद, राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्ति विजेताओं के साथ जलपान (High Tea) पर अनौपचारिक मुलाकात करते हैं। यह अवसर विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को एक-दूसरे से संवाद करने और अनुभव साझा करने का मंच प्रदान करता है। राष्ट्रपति भवन की वास्तुकला और वहां का वातावरण इस पूरे आयोजन को एक शाही और गौरवशाली (Glorious) अनुभव बना देता है। यह समारोह भारतीय संस्कृति और राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतिबिंब है।
पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री (Padma Shri) प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के लिए यह उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण होता है। समारोह का समापन फिर से राष्ट्रगान के साथ होता है, जिसके बाद राष्ट्रपति अपनी सुरक्षा टीम (Bodyguards) के साथ प्रस्थान करते हैं। यह पूरी प्रक्रिया अनुशासन (Discipline) और मर्यादा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो हमारे राष्ट्रीय पुरस्कारों के मूल्य को और अधिक बढ़ाती है।