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'बीटिंग रिट्रीट समारोह' (Beating Retreat Ceremony) गणतंत्र दिवस के चार दिवसीय उत्सव का आधिकारिक समापन होता है, जो 29 जनवरी की शाम को विजय चौक पर आयोजित किया जाता है। यह परंपरा सदियों पुरानी है जब सूर्यास्त के समय सेनाएँ युद्ध बंद कर अपने कैंपों में लौटती थीं। इसमें भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना (Army, Navy and Air Force) के बैंड एक साथ मिलकर अद्भुत धुनों का प्रदर्शन करते हैं। संगीत और अनुशासन (Music and Discipline) का यह मेल दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है।

समारोह का मुख्य आकर्षण 'सारे जहाँ से अच्छा' और अन्य देशभक्ति धुनें (Patriotic Tunes) होती हैं, जिन्हें सुनकर हर नागरिक गर्व महसूस करता है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के राष्ट्रपति (President of India) होते हैं, जो अपनी विशेष सवारी 'प्रेसिडेंट गार्ड्स' (President's Guards) के साथ पहुँचते हैं। रायसीना हिल्स की इमारतों पर होने वाली 'इल्यूमिनेशन और लाइटिंग' (Illumination and Lighting) इस दृश्य को जादुई और विहंगम (Magical and Grand) बना देती है। समारोह का समापन 'अबाइड विद मी' (Abide with Me) की धुन से होता है।

इस भव्य आयोजन को देखने के लिए 'स्पेशल एंट्री पास' और टिकट (Tickets and Special Entry Passes) की आवश्यकता होती है, जिन्हें ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। सुरक्षा घेरे के कारण दर्शकों को निर्धारित समय से पहले पहुँचने और 'मेट्रो फीडर सेवाओं' (Metro Feeder Services) का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। आजकल 'हाई-डेफिनिशन कैमरों' (High-definition Cameras) और बड़ी स्क्रीन के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण (Live Broadcast) दुनिया भर में किया जाता है। यह समारोह भारतीय सेना की परंपरा और गौरवशाली संस्कृति (Glorious Culture and Traditions) का प्रतीक है।

बीटिंग रिट्रीट के दौरान 'ऊँट सवार दस्ते' और पुलिस बैंड (Camel Contingents and Police Bands) भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। समारोह के अंत में जब पूरी रायसीना हिल्स रोशनी से जगमगा उठती है, तो वह दृश्य अकल्पनीय और प्रभावशाली (Impressive and Unimaginable) होता है। दर्शकों के लिए 'प्रीमियम बाइनोक्युलर' (Premium Binoculars) साथ रखना एक अच्छा विकल्प है जिससे वे बारीक कलाबाजियों को स्पष्ट देख सकें। यह कार्यक्रम देश की स्थिरता और शांति (Peace and Stability) का संदेश पूरी दुनिया को देता है।

सेना के पाइप्स और ड्रम बैंड्स की 'सिंक्रोनाइज्ड मार्चिंग' (Synchronized Marching) अनुशासन की पराकाष्ठा है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि हमारी सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं और राष्ट्र का गौरव (Glory of the Nation) अक्षुण्ण है। बीटिंग रिट्रीट न केवल एक सांस्कृतिक शाम है, बल्कि यह सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम भी है। विजय चौक पर गूंजने वाला बिगुल (Bugle) हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति को और अधिक प्रज्वलित (Ignited) कर देता है।

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'बीटिंग रिट्रीट समारोह' (Beating Retreat Ceremony) गणतंत्र दिवस के चार दिवसीय उत्सव का आधिकारिक समापन होता है, जो 29 जनवरी की शाम को विजय चौक पर आयोजित किया जाता है। यह परंपरा सदियों पुरानी है जब सूर्यास्त के समय सेनाएँ युद्ध बंद कर अपने कैंपों में लौटती थीं। इसमें भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना (Army, Navy and Air Force) के बैंड एक साथ मिलकर अद्भुत धुनों का प्रदर्शन करते हैं। संगीत और अनुशासन (Music and Discipline) का यह मेल दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है।

समारोह का मुख्य आकर्षण 'सारे जहाँ से अच्छा' और अन्य देशभक्ति धुनें (Patriotic Tunes) होती हैं, जिन्हें सुनकर हर नागरिक गर्व महसूस करता है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के राष्ट्रपति (President of India) होते हैं, जो अपनी विशेष सवारी 'प्रेसिडेंट गार्ड्स' (President's Guards) के साथ पहुँचते हैं। रायसीना हिल्स की इमारतों पर होने वाली 'इल्यूमिनेशन और लाइटिंग' (Illumination and Lighting) इस दृश्य को जादुई और विहंगम (Magical and Grand) बना देती है। समारोह का समापन 'अबाइड विद मी' (Abide with Me) की धुन से होता है।

इस भव्य आयोजन को देखने के लिए 'स्पेशल एंट्री पास' और टिकट (Tickets and Special Entry Passes) की आवश्यकता होती है, जिन्हें ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। सुरक्षा घेरे के कारण दर्शकों को निर्धारित समय से पहले पहुँचने और 'मेट्रो फीडर सेवाओं' (Metro Feeder Services) का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। आजकल 'हाई-डेफिनिशन कैमरों' (High-definition Cameras) और बड़ी स्क्रीन के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण (Live Broadcast) दुनिया भर में किया जाता है। यह समारोह भारतीय सेना की परंपरा और गौरवशाली संस्कृति (Glorious Culture and Traditions) का प्रतीक है।

बीटिंग रिट्रीट के दौरान 'ऊँट सवार दस्ते' और पुलिस बैंड (Camel Contingents and Police Bands) भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। समारोह के अंत में जब पूरी रायसीना हिल्स रोशनी से जगमगा उठती है, तो वह दृश्य अकल्पनीय और प्रभावशाली (Impressive and Unimaginable) होता है। दर्शकों के लिए 'प्रीमियम बाइनोक्युलर' (Premium Binoculars) साथ रखना एक अच्छा विकल्प है जिससे वे बारीक कलाबाजियों को स्पष्ट देख सकें। यह कार्यक्रम देश की स्थिरता और शांति (Peace and Stability) का संदेश पूरी दुनिया को देता है।

सेना के पाइप्स और ड्रम बैंड्स की 'सिंक्रोनाइज्ड मार्चिंग' (Synchronized Marching) अनुशासन की पराकाष्ठा है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि हमारी सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं और राष्ट्र का गौरव (Glory of the Nation) अक्षुण्ण है। बीटिंग रिट्रीट न केवल एक सांस्कृतिक शाम है, बल्कि यह सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम भी है। विजय चौक पर गूंजने वाला बिगुल (Bugle) हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति को और अधिक प्रज्वलित (Ignited) कर देता है।
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