1 like 0 dislike
48 views
in Entertainment by (143k points)
पद्म पुरस्कारों के लिए अंतिम चयन करने वाली समिति का गठन हर साल प्रधानमंत्री (Prime Minister) द्वारा किया जाता है। इस 'पद्म समिति' (Padma Committee) की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं और इसमें केंद्रीय गृह सचिव (Home Secretary), राष्ट्रपति के सचिव और चार से छह प्रतिष्ठित व्यक्ति (Eminent Personalities) सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। यह समिति पूरी तरह से स्वायत्त (Autonomous) तरीके से काम करती है और नामांकन में आए हजारों नामों में से श्रेष्ठ का चुनाव करती है।

चयन का मुख्य आधार 'विशिष्ट और असाधारण सेवा' (Distinguished and Exceptional Service) होता है। समिति यह देखती है कि क्या नामांकित व्यक्ति ने अपने क्षेत्र में कोई ऐसा नया रास्ता दिखाया है जिससे समाज या राष्ट्र का भला हुआ हो। वे उन व्यक्तियों को प्राथमिकता देते हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने कौशल (Skill) से दूसरों के लिए प्रेरणा बने। इसमें कला, शिक्षा, चिकित्सा, खेल और उद्योग (Industry) जैसे सभी क्षेत्रों को कवर किया जाता है।

समिति नामांकन प्राप्त होने के बाद एक विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया (Verification Process) अपनाती है। खुफिया ब्यूरो (Intelligence Bureau) और अन्य सरकारी एजेंसियों से नामांकित व्यक्तियों के चरित्र और पूर्ववृत्त (Antecedents) की जांच कराई जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड बेदाग हो और वह इस उच्च सम्मान के योग्य हो। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चयन के मानदंडों (Criteria) को समय-समय पर अपडेट किया जाता है।

एक महत्वपूर्ण मानदंड यह भी है कि पुरस्कार मरणोपरांत (Posthumously) केवल अत्यंत दुर्लभ मामलों में ही दिया जाता है। साथ ही, सरकारी कर्मचारी (Government Servants), जिनमें डॉक्टर और वैज्ञानिक अपवाद हैं, इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं होते जब तक वे सेवा में हैं। समिति का प्रयास रहता है कि विविधता (Diversity) बनी रहे और देश के हर भौगोलिक क्षेत्र एवं समुदाय को प्रतिनिधित्व मिले। यह संतुलन ही पद्म पुरस्कारों की राष्ट्रीय स्वीकार्यता को बढ़ाता है।

चयनित नामों की अंतिम सूची पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद ही इसे सार्वजनिक किया जाता है। समिति की सिफारिशें (Recommendations) पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती हैं ताकि किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव न पड़े। यह निष्पक्ष चयन प्रक्रिया ही कारण है कि पद्म पुरस्कार (Padma Awards) आज भारत के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। यह प्रणाली राष्ट्र के वास्तविक रत्नों को खोजने और उन्हें सम्मानित करने का एक पवित्र माध्यम है।

1 Answer

0 like 0 dislike
by (143k points)
पद्म पुरस्कारों के लिए अंतिम चयन करने वाली समिति का गठन हर साल प्रधानमंत्री (Prime Minister) द्वारा किया जाता है। इस 'पद्म समिति' (Padma Committee) की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं और इसमें केंद्रीय गृह सचिव (Home Secretary), राष्ट्रपति के सचिव और चार से छह प्रतिष्ठित व्यक्ति (Eminent Personalities) सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। यह समिति पूरी तरह से स्वायत्त (Autonomous) तरीके से काम करती है और नामांकन में आए हजारों नामों में से श्रेष्ठ का चुनाव करती है।

चयन का मुख्य आधार 'विशिष्ट और असाधारण सेवा' (Distinguished and Exceptional Service) होता है। समिति यह देखती है कि क्या नामांकित व्यक्ति ने अपने क्षेत्र में कोई ऐसा नया रास्ता दिखाया है जिससे समाज या राष्ट्र का भला हुआ हो। वे उन व्यक्तियों को प्राथमिकता देते हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने कौशल (Skill) से दूसरों के लिए प्रेरणा बने। इसमें कला, शिक्षा, चिकित्सा, खेल और उद्योग (Industry) जैसे सभी क्षेत्रों को कवर किया जाता है।

समिति नामांकन प्राप्त होने के बाद एक विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया (Verification Process) अपनाती है। खुफिया ब्यूरो (Intelligence Bureau) और अन्य सरकारी एजेंसियों से नामांकित व्यक्तियों के चरित्र और पूर्ववृत्त (Antecedents) की जांच कराई जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड बेदाग हो और वह इस उच्च सम्मान के योग्य हो। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चयन के मानदंडों (Criteria) को समय-समय पर अपडेट किया जाता है।

एक महत्वपूर्ण मानदंड यह भी है कि पुरस्कार मरणोपरांत (Posthumously) केवल अत्यंत दुर्लभ मामलों में ही दिया जाता है। साथ ही, सरकारी कर्मचारी (Government Servants), जिनमें डॉक्टर और वैज्ञानिक अपवाद हैं, इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं होते जब तक वे सेवा में हैं। समिति का प्रयास रहता है कि विविधता (Diversity) बनी रहे और देश के हर भौगोलिक क्षेत्र एवं समुदाय को प्रतिनिधित्व मिले। यह संतुलन ही पद्म पुरस्कारों की राष्ट्रीय स्वीकार्यता को बढ़ाता है।

चयनित नामों की अंतिम सूची पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद ही इसे सार्वजनिक किया जाता है। समिति की सिफारिशें (Recommendations) पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती हैं ताकि किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव न पड़े। यह निष्पक्ष चयन प्रक्रिया ही कारण है कि पद्म पुरस्कार (Padma Awards) आज भारत के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। यह प्रणाली राष्ट्र के वास्तविक रत्नों को खोजने और उन्हें सम्मानित करने का एक पवित्र माध्यम है।
Welcome to DailyLifeQnA, get your simple everyday question–answer hub experts community. Find quick, reliable, and easy explanations to common life problems, tips, and doubts—all in one place.

Related questions

...