घर पर शिवलिंग अभिषेक (Shivling Abhishek at Home) करना अत्यंत फलदायी माना जाता है, बशर्ते इसे पूरी श्रद्धा और शुद्धता (Purity) के साथ किया जाए। सबसे पहले एक तांबे या पीतल की थाली (Brass Plate) में शिवलिंग को स्थापित करें। अभिषेक के लिए जल, कच्चा दूध (Raw Milk), दही, शहद, घी और शक्कर का मिश्रण तैयार रखें, जिसे पंचामृत (Panchamrit) कहा जाता है। उत्तर दिशा (North Direction) की ओर मुख करके बैठना सबसे उत्तम माना गया है क्योंकि यह भगवान शिव का निवास स्थान है।
अभिषेक की शुरुआत गणेश पूजन से करनी चाहिए ताकि पूजा निर्विघ्न संपन्न हो। इसके बाद शिवलिंग पर जल की पतली धारा (Thin Stream of Water) चढ़ाते हुए "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का निरंतर जप करें। शिवलिंग अभिषेक (Shivling Abhishek) के दौरान दूध अर्पित करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और गृह क्लेश दूर होते हैं। प्रत्येक द्रव्य (Liquid) को चढ़ाने के बाद शुद्ध जल (Pure Water) से अभिषेक करना अनिवार्य है ताकि शिवलिंग पूरी तरह स्वच्छ रहे।
सामग्री (Materials) के रूप में ताजे बेलपत्र, धतूरा, भांग और अक्षत (Raw Rice) का प्रयोग करना चाहिए। चंदन का लेप लगाने से महादेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन में शीतलता आती है। शिवलिंग अभिषेक (Shivling Abhishek at Home) में इस बात का ध्यान रखें कि जल चढ़ाने वाला पात्र (Vessel) तांबे का हो, लेकिन दूध के लिए स्टील या चांदी (Silver) के लोटे का उपयोग करें। तांबे के संपर्क में आने से दूध विषाक्त हो सकता है, जो वर्जित माना गया है।
पूजा के दौरान मन में केवल कल्याणकारी विचार (Benevolent Thoughts) होने चाहिए। शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल अत्यंत पवित्र होता है, जिसे चरणामृत के रूप में ग्रहण किया जा सकता है या घर के कोनों में छिड़का जा सकता है। शिवलिंग अभिषेक (Shivling Abhishek) करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का नाश होता है। यह अनुष्ठान परिवार में सुख-समृद्धि और एकता लाने का एक आध्यात्मिक मार्ग (Spiritual Path) है।
अंत में भगवान की आरती (Aarti) करें और चढ़ाई गई सामग्री को आदरपूर्वक विसर्जित करें। अभिषेक के बाद शिवलिंग को सादे जल से अच्छी तरह धोकर उन पर चंदन से त्रिपुंड (Tripund) बनाना चाहिए। घर पर नियमित शिवलिंग अभिषेक (Shivling Abhishek) करने से साधक के भीतर एकाग्रता और धैर्य (Patience) का विकास होता है। भोलेनाथ अत्यंत दयालु हैं और वे केवल एक लोटा जल (Pot of Water) चढ़ाने मात्र से ही अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं।