आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती (Anganwadi Sahayika Bharti) की प्रक्रिया में सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता (Priority) दी जाती है। यदि किसी केंद्र पर रिक्त पद के लिए आवेदन किया जाता है, तो वहां सबसे पहला हक उसी वार्ड या ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) की विधवा (Widow) महिला का होता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक संबल (Financial Support) प्रदान करना है जिन्होंने अपने जीवनसाथी को खो दिया है। इसके लिए आवेदिका को अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) और स्थानीय निवास का पुख्ता प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) आवेदन के साथ जमा करना अनिवार्य होता है।
गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line) जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं के लिए भी इस भर्ती (Recruitment) में विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी आवेदिका के पास वैध बीपीएल कार्ड (BPL Card) है और उसकी पारिवारिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम है, तो उसे चयन सूची (Selection List) में वरीयता (Preference) दी जाती है। आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) सक्षम राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) द्वारा जारी किया जाना चाहिए। यह व्यवस्था समाज के सबसे कमजोर वर्ग को रोजगार (Employment) के समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
तलाकशुदा (Divorced) और परित्यक्ता महिलाओं को भी वरीयता (Preference) की श्रेणी में रखा गया है। ऐसी महिलाएं जो कानूनी रूप से अपने पति से अलग हो चुकी हैं या जिन्हें समाज में अकेले जीवन बिताना पड़ रहा है, उन्हें आंगनवाड़ी सहायिका (Anganwadi Sahayika) के पद पर नियुक्ति (Appointment) में अतिरिक्त लाभ मिलता है। उन्हें न्यायालय की डिक्री (Court Decree) या ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा सत्यापित दस्तावेज (Verified Documents) प्रस्तुत करने होते हैं। यह प्राथमिकता (Priority) उन्हें समाज की मुख्यधारा (Mainstream) से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
वरीयता (Preference) का निर्धारण करते समय यह भी देखा जाता है कि आवेदिका उसी विशेष टोले या मोहल्ले की हो जहाँ आंगनवाड़ी केंद्र (Anganwadi Center) संचालित है। यदि एक से अधिक विधवा (Widow) या बीपीएल (BPL) श्रेणी की महिलाएं आवेदन करती हैं, तो उनकी शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) और आयु (Age) के आधार पर मेरिट (Merit) तैयार की जाती है। स्थानीय निवासी (Local Resident) होने की शर्त को किसी भी स्थिति में शिथिल नहीं किया जाता क्योंकि सहायिका का मुख्य कार्य स्थानीय बच्चों और माताओं के साथ जुड़ना होता है।
चयन प्रक्रिया (Selection Process) की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब पूरी सूची ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) पर प्रकाशित की जाती है। वरीयता (Preference) प्राप्त करने वाली महिलाओं के दस्तावेजों की गहनता से जांच (Scrutiny) जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाती है। यदि किसी भी स्तर पर दस्तावेज फर्जी (Fake Documents) पाए जाते हैं, तो उम्मीदवारी तुरंत निरस्त कर दी जाती है। सही और वैध प्रमाण पत्रों के साथ आवेदन करने वाली जरूरतमंद महिलाओं के लिए यह पद एक सम्मानजनक आजीविका (Livelihood) सुनिश्चित करता है।