आंगनवाड़ी सहायिका (Anganwadi Sahayika) को उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बदले प्रति माह मानदेय (Honorarium) दिया जाता है। यह राशि केंद्र सरकार (Central Government) और राज्य सरकार (State Government) के निर्धारित अंशदान (Contribution) से मिलकर बनती है। मानदेय का भुगतान आमतौर पर अगले महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में किया जाता है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब 'पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम' (PFMS) का उपयोग करती है, जिससे पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट (Bank Account) में पहुँचता है।
नियमित मानदेय (Regular Honorarium) के अलावा सहायिकाओं को प्रतिवर्ष वर्दी भत्ता (Uniform Allowance) भी प्रदान किया जाता है। इस राशि का उद्देश्य सहायिकाओं को निर्धारित ड्रेस कोड (Dress Code), जैसे साड़ी या सूट, खरीदने में सहायता करना है। यह भत्ता (Allowance) अक्सर वित्तीय वर्ष (Financial Year) के अंत में या नई भर्ती के समय एकमुश्त जारी किया जाता है। वर्दी पहनकर केंद्र पर कार्य करना न केवल अनुशासन (Discipline) का प्रतीक है, बल्कि यह आपकी पेशेवर पहचान (Professional Identity) को भी दर्शाता है।
विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों (Health Programs) और त्योहारों के दौरान किए गए अतिरिक्त कार्यों के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि (Incentive Money) भी दी जाती है। यदि सहायिका पल्स पोलियो (Pulse Polio) अभियान या किसी सर्वेक्षण (Survey) में भाग लेती है, तो उसका अतिरिक्त मानदेय (Extra Honorarium) अलग से स्वीकृत किया जाता है। इन सभी राशियों का विवरण आप अपनी बैंक पासबुक (Bank Passbook) को अपडेट करवाकर या ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) के माध्यम से देख सकती हैं। भुगतान में देरी होने पर अपने पर्यवेक्षक (Supervisor) से संपर्क करना चाहिए।
सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के तहत, कुछ राज्यों में सहायिकाओं को बीमा कवर (Insurance Cover) और स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits) भी दिए जाते हैं। 'प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' जैसी योजनाओं का प्रीमियम (Premium) अक्सर सरकार द्वारा ही वहन किया जाता है। आकस्मिक दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में यह वित्तीय सुरक्षा (Financial Security) सहायिका के परिवार के लिए अत्यंत मददगार साबित होती है। मानदेय में समय-समय पर की जाने वाली वृद्धि (Increment) को भी सीधे डिजिटल मोड (Digital Mode) से लागू किया जाता है।
आर्थिक लाभ (Financial Benefits) प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि आपका बैंक खाता (Bank Account) सक्रिय हो और उसमें केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो। यदि आपने अपना बैंक खाता बदला है, तो उसकी सूचना तुरंत कार्यालय (Office) में देनी चाहिए ताकि भुगतान (Payment) न रुके। एक सहायिका के रूप में आपका आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) सरकार की प्राथमिकता है। नियमित और समयबद्ध मानदेय (Timely Honorarium) न केवल आपकी आजीविका (Livelihood) चलाता है, बल्कि आपके कार्य के प्रति आपके उत्साह को भी बनाए रखता है।