भारतीय नौसेना (Indian Navy) में अग्निवीर के रूप में शामिल होने के लिए शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) का स्तर बहुत ऊंचा होना चाहिए। एसएसआर (Senior Secondary Recruit) और एमआर (Matric Recruit) दोनों श्रेणियों के लिए शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण (PFT) आयोजित किया जाता है। पुरुषों के लिए 1.6 किलोमीटर की दौड़ (1.6 km Run) को 6 मिनट 30 सेकंड में पूरा करना अनिवार्य है, जबकि महिलाओं (Female Candidates) के लिए यही समय सीमा 8 मिनट रखी गई है।
दौड़ (Running) के तुरंत बाद उम्मीदवारों को उठक-बैठक (Squats) और पुश-अप्स (Push-ups) के परीक्षण से गुजरना होता है। पुरुष अभ्यर्थियों को 20 उठक-बैठक और 15 पुश-अप्स लगाने होते हैं, वहीं महिला अभ्यर्थियों के लिए 15 उठक-बैठक और 10 सिट-अप्स (Sit-ups) का मानक तय किया गया है। यह परीक्षण उम्मीदवार की शारीरिक शक्ति (Physical Strength) और सहनशक्ति (Stamina) को मापने के लिए किया जाता है, जो समुद्र (Sea) में चुनौतीपूर्ण जीवन के लिए आवश्यक है।
शारीरिक माप (Physical Measurement) के दौरान न्यूनतम ऊंचाई (Minimum Height) के मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। नौसेना में पुरुषों के लिए 157 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 152 सेंटीमीटर की लंबाई (Height) निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, छाती का विस्तार (Chest Expansion) कम से कम 5 सेंटीमीटर होना चाहिए। वजन (Weight) का अनुपात उम्मीदवार की आयु और ऊंचाई (Age and Height) के अनुसार संतुलित होना चाहिए ताकि वह चिकित्सा मानकों (Medical Standards) पर खरा उतर सके।
दृष्टि क्षमता (Vision) के मामले में भी नौसेना के कड़े नियम हैं। बिना चश्मे के बेहतर आँख (Better Eye) की दृष्टि 6/6 और खराब आँख की 6/9 होना आवश्यक है। नौसेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों (Navy Agniveers) का रंग दृष्टि (Color Perception) परीक्षण भी किया जाता है क्योंकि समुद्र में संकेतों (Signals) की पहचान करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। किसी भी प्रकार का स्थायी टैटू (Permanent Tattoo) केवल शरीर के कुछ विशिष्ट हिस्सों पर ही मान्य होता है।
शारीरिक परीक्षण (Physical Test) केवल एक अर्हता (Qualifying) चरण है, लेकिन इसे पास किए बिना आप चिकित्सा परीक्षण (Medical Exam) तक नहीं पहुँच सकते। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती रैली से पहले नियमित रूप से तैराकी (Swimming) और व्यायाम (Exercise) का अभ्यास करें। नौसेना का जीवन अनुशासन और शारीरिक सक्रियता (Physical Activity) की मांग करता है, इसलिए चयन प्रक्रिया (Selection Process) में फिटनेस को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है।