अग्निवीरों के चार साल के कार्यकाल की समाप्ति पर उन्हें सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi Package) के रूप में एक बड़ी एकमुश्त राशि (Lump-sum Amount) प्रदान की जाती है। यह निधि मुख्य रूप से अग्निवीर के स्वयं के योगदान और सरकार के बराबर के अंशदान (Matching Contribution) से मिलकर बनी होती है। प्रत्येक माह अग्निवीर के मूल वेतन (Basic Salary) का तीस प्रतिशत हिस्सा इस कोष में जमा किया जाता है। सरकार भी उतनी ही राशि इस खाते में निवेश करती है, जिससे यह एक सशक्त बचत योजना (Savings Plan) बन जाती है।
चार साल पूरे होने पर अग्निवीर को मिलने वाला सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi Package) ब्याज (Interest) सहित लगभग 11.71 लाख रुपये का होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी राशि आयकर (Income Tax) से पूर्णतः मुक्त होती है, जिससे युवाओं को अपनी गाढ़ी कमाई का पूरा लाभ मिलता है। यह वित्तीय आधार (Financial Base) उन्हें सेवा के बाद अपना स्वयं का व्यवसाय (Start-up) शुरू करने या आगे की शिक्षा (Higher Education) के लिए धन की चिंता किए बिना निर्णय लेने की स्वतंत्रता देता है।
आर्थिक सुरक्षा (Economic Security) के अतिरिक्त यह पैकेज युवाओं को बैंकों से व्यवसायिक ऋण (Business Loans) प्राप्त करने में भी साख (Credit) प्रदान करता है। कई वित्तीय संस्थान अग्निवीरों को कम ब्याज दरों (Lower Interest Rates) पर कर्ज देने की योजनाएँ बना रहे हैं। यह एकमुश्त राशि केवल एक बचत नहीं है, बल्कि एक युवा अग्निवीर के लिए समाज में सम्मानजनक पुनर्वास (Rehabilitation) का एक माध्यम है।
सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi Package) सैन्य सेवा के प्रति युवाओं को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। सेवा के दौरान उन्हें 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा (Life Insurance) कवर भी मिलता है। यदि सेवाकाल में कोई अनहोनी होती है, तो परिवार को वित्तीय संकट से बचाने के लिए अतिरिक्त अनुग्रह राशि (Ex-gratia) का प्रावधान भी रखा गया है।
वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Independence) के साथ-साथ यह पैकेज युवाओं को भविष्य की योजनाओं में निवेश (Investment) करने के लिए प्रेरित करता है। चार साल तक सेना की सेवा करने के बाद जब वे बाहर आते हैं, तो उनके पास न केवल अनुशासन होता है, बल्कि एक ठोस बैंक बैलेंस (Bank Balance) भी होता है। यह योजना सुनिश्चित करती है कि देश की रक्षा करने वाले वीर कभी भी आर्थिक रूप से कमजोर महसूस न करें।