भारी वाहन चालक (Heavy Vehicle Driver) की भर्ती मुख्य रूप से रोडवेज (Roadways), नगर निगम या अग्निशमन विभाग (Fire Department) जैसे विभागों में होती है। इन पदों के लिए हैवी ड्राइविंग लाइसेंस (Heavy License) का होना अनिवार्य शर्त है। इसके विपरीत, हल्के वाहन चालकों की नियुक्ति सचिवालय (Secretariat) या जिला कलेक्टर कार्यालयों में अधिकारियों की कार चलाने के लिए की जाती है।
कार्य की प्रकृति (Nature of Work) में बड़ा अंतर यह है कि हैवी ड्राइवर को बड़े ट्रकों या बसों को नियंत्रित करना होता है, जिसके लिए शारीरिक शक्ति और अधिक एकाग्रता की आवश्यकता होती है। हल्के वाहन चालक को मुख्य रूप से वीआईपी (VIP) मूवमेंट और आधिकारिक दौरों पर ध्यान देना होता है। दोनों ही पदों के लिए अनुभव (Experience) की अपनी-अपनी मांग होती है।
वेतनमान (Pay Scale) में भी हैवी वाहन चालकों को अक्सर थोड़ा अधिक जोखिम भत्ता (Risk Allowance) या विशेष ग्रेड पे मिल सकता है। भारी वाहनों को लंबी दूरी (Long Distance) तक ले जाने के कारण उनके कार्य के घंटे अलग हो सकते हैं। हल्के वाहन चालकों को अक्सर कार्यालय समय (Office Hours) के अनुसार ही अपनी सेवाएं देनी होती हैं।
भर्ती परीक्षा के दौरान हैवी ड्राइवर के स्किल टेस्ट (Skill Test) में 'S' कर्व या '8' शेप में वाहन चलाना पड़ता है, जो उनकी परिपक्वता (Maturity) को दर्शाता है। हल्के वाहन चालक के टेस्ट में यातायात के बीच सुगम ड्राइविंग (Smooth Driving) और पार्किंग कौशल पर अधिक ध्यान दिया जाता है। दोनों वर्गों के लिए यातायात नियमों का सैद्धांतिक ज्ञान (Theoretical Knowledge) समान रूप से आवश्यक है।
हैवी ड्राइवर को अक्सर अंतर्राज्यीय मार्गों (Interstate Routes) पर जाना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें सड़क के विभिन्न प्रकारों की समझ होनी चाहिए। हल्के वाहन चालकों को शहर के रास्तों और शार्टकट्स (Shortcuts) की अच्छी जानकारी होनी चाहिए ताकि अधिकारियों को समय पर गंतव्य तक पहुँचाया जा सके। दोनों ही पद राजस्व और प्रशासन के कार्यों को गति प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।