बस ड्राइवर का सबसे प्राथमिक कर्तव्य यात्रियों को उनके गंतव्य (Destination) तक सुरक्षित और समय पर पहुँचाना है। यात्रा शुरू करने से पहले वह बस के इंजन (Engine), ब्रेक (Brakes), टायर के दबाव (Tyre Pressure) और ईंधान (Fuel) की बारीकी से जाँच करता है। वह लॉग बुक (Log Book) में प्रस्थान के समय और बस की वर्तमान स्थिति का विवरण दर्ज करता है ताकि यांत्रिक खराबी (Mechanical Failure) से बचा जा सके।
सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों (Traffic Rules) का कड़ाई से पालन करना चालक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वह गति सीमा (Speed Limit) का ध्यान रखता है और खराब मौसम (Bad Weather) जैसे कोहरे या भारी बारिश में अत्यधिक सावधानी बरतता है। चालक को मार्ग (Route) की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि वह समय सारणी (Time Table) के अनुसार बस का संचालन (Operation) कर सके।
यात्रियों के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार करना और बस स्टैंड (Bus Stand) पर बस को सही स्थान पर पार्क करना चालक के कार्य का हिस्सा है। वह कंडक्टर (Conductor) के साथ तालमेल (Coordination) बिठाकर कार्य करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी यात्री सुरक्षित रूप से चढ़ और उतर गए हैं। रात की ड्यूटी (Night Duty) के दौरान वह अत्यधिक सतर्क (Vigilant) रहता है ताकि थकान या नींद के कारण कोई दुर्घटना न हो।
आपातकालीन स्थितियों (Emergency Situations) जैसे बस के खराब होने या सड़क दुर्घटना (Road Accident) होने पर चालक को तुरंत डिपो (Depot) और पुलिस को सूचित करना होता है। उसे बस की बुनियादी मरम्मत (Basic Repair) का ज्ञान होना चाहिए ताकि छोटी समस्याओं को वह स्वयं ठीक कर सके। यात्रियों के सामान (Luggage) की सुरक्षा और बस के भीतर अनुशासन (Discipline) बनाए रखना भी उसके परोक्ष कर्तव्यों में शामिल है।
ड्यूटी समाप्त होने के बाद बस को डिपो के गैरेज (Garage) में सुरक्षित खड़ा करना और अगले दिन के लिए रिपोर्ट करना अंतिम कार्य है। वह बस में किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी (Technical Issue) पाए जाने पर उसे वर्कशॉप (Workshop) में दर्ज कराता है। एक जिम्मेदार चालक (Responsible Driver) न केवल वाहन चलाता है, बल्कि वह परिवहन निगम (Transport Corporation) की प्रतिष्ठा का रक्षक भी होता है।