राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) का प्राथमिक उत्तरदायित्व अपने क्षेत्र के लेखपालों और पटवारियों के कार्यों का पर्यवेक्षण (Supervision) करना है। वह भूमि की माप (Land Measurement) और सीमांकन (Demarcation) के कार्यों की शुद्धता की जांच करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों (Land Disputes) के समाधान में उसकी भूमिका एक मध्यस्थ और तकनीकी विशेषज्ञ (Technical Expert) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
विभिन्न प्रकार के आधिकारिक प्रमाण पत्रों जैसे जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate), आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) और निवास प्रमाण पत्र की जांच कर उन पर अपनी संस्तुति (Recommendation) देना उनका दैनिक कार्य है। वह यह सुनिश्चित करता है कि पात्र व्यक्तियों को ही इन सरकारी दस्तावेजों (Official Documents) का लाभ मिले। राजस्व प्रशासन (Revenue Administration) की विश्वसनीयता बनाए रखना उनकी मुख्य जिम्मेदारी है।
प्राकृतिक आपदाओं (Natural Disasters) जैसे बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि के समय फसल नुकसान का सर्वेक्षण (Crop Loss Survey) करना राजस्व निरीक्षक का एक बड़ा दायित्व है। वह प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर मुआवजा वितरण (Compensation Distribution) की प्रक्रिया में तहसील प्रशासन (Tehsil Administration) की सहायता करता है। यह कार्य सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को प्रभावित करता है।
सरकारी भूमि (Government Land) पर अवैध अतिक्रमण (Encroachment) को रोकना और उसे हटाना राजस्व निरीक्षक के अधिकार क्षेत्र में आता है। वह समय-समय पर चरागाहों, तालाबों और सार्वजनिक संपत्तियों का निरीक्षण (Inspection) करता है। भूमि राजस्व (Land Revenue) की वसूली और बकाया लगान (Arrears of Land Revenue) को जमा करवाने की प्रक्रिया में वह तहसीलदार (Tehsildar) को रिपोर्ट करता है।
अदालती आदेशों के अनुपालन में भूमि का बँवारा (Partition of Land) और नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया को संपन्न कराना उनका विधिक कार्य है। वह भू-अभिलेखों (Land Records) के अद्यतन रखरखाव की निगरानी करता है ताकि वंशावली और खतौनी में कोई त्रुटि न रहे। एक कुशल राजस्व निरीक्षक शासन और जनता के बीच एक मजबूत कड़ी (Link) के रूप में कार्य करता है।