अस्पताल परिचारक (Hospital Attendant) के पद पर सरकारी नौकरी (Government Job) प्राप्त करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) आमतौर पर 10वीं कक्षा (Class 10th) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कुछ प्रमुख चिकित्सा संस्थानों जैसे एम्स (AIIMS) में इसके साथ ही प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) का प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है। यह शिक्षा इसलिए जरूरी है ताकि कर्मचारी मरीजों के नाम और दवाइयों के पर्चों (Prescriptions) को सही ढंग से पढ़ सके।
आयु सीमा (Age Limit) की बात करें तो सामान्य श्रेणी (General Category) के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 से 35 वर्ष के बीच निर्धारित की जाती है। केंद्र और राज्य सरकार के भर्ती नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों (Reserved Categories) जैसे अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु में 5 वर्ष की विशेष छूट (Age Relaxation) प्रदान की जाती है। आयु की गणना आवेदन पत्र (Application Form) जमा करने की अंतिम तिथि के आधार पर की जाती है।
अभ्यर्थी का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ (Physically and Medically Fit) होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अस्पताल का वातावरण काफी संवेदनशील होता है। चयन प्रक्रिया के दौरान विस्तृत चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination) किया जाता है जिसमें संक्रामक रोगों (Infectious Diseases) की जांच मुख्य रूप से होती है। उम्मीदवार को लंबी अवधि तक खड़े होकर कार्य करने की क्षमता (Stamina) होनी चाहिए।
नागरिकता के संदर्भ में आवेदक का भारतीय होना आवश्यक है और उसके पास वैध निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) होना चाहिए। चरित्र सत्यापन (Character Verification) के लिए पुलिस रिपोर्ट अनिवार्य होती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कर्मचारी का कोई आपराधिक इतिहास (Criminal History) नहीं है। अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और गोपनीयता (Privacy) बनाए रखना कर्मचारी का नैतिक दायित्व होता है।
विशिष्ट अनुभव (Specific Experience) रखने वाले उम्मीदवारों, जैसे जिन्होंने पहले किसी नर्सिंग होम या क्लीनिक में कार्य किया हो, को चयन में प्राथमिकता (Preference) दी जाती है। आजकल कई संस्थानों में 10वीं के साथ-साथ अस्पताल सेवा (Hospital Service) में एक वर्ष का अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है। सभी योग्यताओं को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही लिखित परीक्षा (Written Test) में बैठने के पात्र माने जाते हैं।