सरकारी अस्पतालों में परिचारक के चयन के लिए सबसे पहले एक लिखित परीक्षा (Written Examination) आयोजित की जाती है जो कंप्यूटर आधारित (CBT) या ऑफलाइन हो सकती है। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान (General Knowledge), सामान्य विज्ञान (General Science) और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा का स्तर (Level) आमतौर पर 10वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
लिखित परीक्षा के साथ ही कुछ संस्थानों में योग्यता परीक्षण (Aptitude Test) भी लिया जाता है जिसमें स्वच्छता और स्वच्छता प्रबंधन (Sanitation Management) के बुनियादी सवाल होते हैं। उम्मीदवारों की मानसिक सतर्कता (Mental Alertness) और आपातकालीन स्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को परखा जाता है। सही उत्तरों के लिए अंक दिए जाते हैं और कई बार नकारात्मक अंकन (Negative Marking) का भी प्रावधान होता है।
लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को कौशल परीक्षण (Skill Test) या ट्रेड टेस्ट के लिए बुलाया जाता है। यहाँ उम्मीदवार को स्ट्रेचर चलाने, ऑक्सीजन मास्क (Oxygen Mask) सेट करने या घायल मरीज को उठाने का व्यावहारिक प्रदर्शन (Practical Demonstration) करना होता है। यह चरण उम्मीदवार की कार्यक्षमता (Efficiency) और प्रयोगात्मक ज्ञान की पुष्टि करता है।
अंतिम मेरिट सूची (Final Merit List) लिखित परीक्षा के अंकों और आरक्षण नियमों (Reservation Rules) के समन्वय से तैयार की जाती है। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) की प्रक्रिया होती है जिसमें शैक्षणिक अंकपत्र, जन्म प्रमाण पत्र और श्रेणी प्रमाण पत्र की मूल प्रतियों (Original Copies) की जांच की जाती है। किसी भी दस्तावेज में त्रुटि होने पर उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है।
चयन का अंतिम चरण विस्तृत चिकित्सा परीक्षण (Medical Test) होता है क्योंकि अस्पताल में स्वस्थ कर्मचारियों का होना अनिवार्य है। सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) जारी किया जाता है और उन्हें एक निश्चित अवधि के प्रशिक्षण (Training) पर भेजा जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अस्पताल के प्रोटोकॉल (Hospital Protocol) और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी जाती है।