नगर निगम के कार्यालयों और पार्कों की सुरक्षा के लिए चपरासी (Peon) और चौकीदार (Watchman) जैसे पदों पर नियमित नियुक्तियां की जाती हैं। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता आमतौर पर 8वीं या 10वीं पास निर्धारित होती है। इन कर्मचारियों का मुख्य कार्य आधिकारिक फाइलों को एक डेस्क से दूसरे डेस्क तक पहुँचाना और परिसर की सुरक्षा (Security) सुनिश्चित करना है।
शारीरिक परीक्षण (Physical Test) के दौरान चौकीदार पद के लिए अभ्यर्थी की लंबाई और दृष्टि (Eyesight) की जाँच की जाती है। उसे रात की ड्यूटी (Night Shift) करने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से सतर्क होना चाहिए। चपरासी के पद के लिए सामान्य फिटनेस ही काफी है, लेकिन उसे विनम्र और अनुशासित (Disciplined) होना चाहिए ताकि वह आगंतुकों की सहायता कर सके।
कार्य प्रोफाइल (Job Profile) में कार्यालय की चाबियों का प्रबंधन, डाक वितरण (Post Delivery) और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना शामिल है। चौकीदार का उत्तरदायित्व निगम की संपत्तियों और मशीनरी (Machinery) को चोरी या नुकसान से बचाना है। वे गेट पर आने-जाने वाले वाहनों का रिकॉर्ड (Log Book) भी रखते हैं और अनधिकृत प्रवेश को रोकते हैं।
वेतनमान की बात करें तो ये चतुर्थ श्रेणी (Group D) के पद हैं जो पे-लेवल 1 के अंतर्गत आते हैं। मूल वेतन ₹18,000 से शुरू होता है और सभी भत्तों को जोड़कर मासिक आय ₹25,000 के पार पहुँच जाती है। सरकारी नौकरी होने के कारण सवेतन अवकाश (Paid Leaves) और बोनस (Bonus) जैसी सुविधाएं भी कर्मचारियों को प्रदान की जाती हैं।
पदोन्नति के मार्ग में एक चपरासी अनुभव और योग्यता के आधार पर दफ्तरी (Daftari) या कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) के पद तक पहुँच सकता है। विभाग द्वारा आयोजित आंतरिक परीक्षाओं (Internal Exams) में भाग लेकर वे अपना पद ऊँचा कर सकते हैं। यह पद स्थिरता (Stability) और निश्चित भविष्य की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सरल प्रवेश द्वार (Entry Point) है।