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वर्किंग क्लास डे (Working Class Day) के अवसर पर सरकार और नागरिक समाज का मुख्य ध्यान असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) के श्रमिकों पर होता है। भारत में लगभग 90 प्रतिशत श्रम बल इसी श्रेणी में आता है, जिसमें निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार शामिल हैं। इन लोगों को अक्सर नियमित वेतन और पेंशन जैसी सुविधाएं प्राप्त नहीं होतीं। इसी कमी को दूर करने के लिए ई-श्रम पोर्टल (e-Shram Portal) जैसी डिजिटल पहल शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना असंगठित श्रमिकों के लिए एक विशेष पेंशन योजना (Pension Scheme) है। इसमें 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जाती है, जो बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) सुनिश्चित करती है। इस योजना में सरकार और श्रमिक दोनों का बराबर अंशदान होता है। यह कदम निम्न आय वर्ग के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) विशेष रूप से स्ट्रीट वेंडर्स (Street Vendors) के लिए बनाई गई है, जो बिना किसी गारंटी के ऋण (Collateral-free Loan) प्रदान करती है। लॉकडाउन जैसी स्थितियों के बाद अपनी आजीविका (Livelihood) पुनः शुरू करने के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हुई है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने से इन छोटे व्यापारियों की बैंकिंग साख (Credit History) भी मजबूत हो रही है। यह योजना आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) का प्रतीक है।

बीमा कवर (Insurance Cover) प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी सुविधाएं बहुत कम प्रीमियम पर उपलब्ध हैं। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में परिवार को मिलने वाली वित्तीय सहायता (Financial Assistance) उन्हें गरीबी के दुष्चक्र से बचाती है। जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat) के माध्यम से मुफ्त इलाज की सुविधा ने स्वास्थ्य पर होने वाले भारी खर्च (Out-of-pocket Expenditure) के बोझ को काफी कम कर दिया है।

प्रवासी श्रमिकों (Migrant Labourers) के लिए 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' (One Nation One Ration Card) योजना एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। अब कोई भी मजदूर देश के किसी भी कोने में रहकर अपने हिस्से का खाद्यान्न (Food Grains) प्राप्त कर सकता है। कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों के माध्यम से इन श्रमिकों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे बेहतर आय वाले रोजगार प्राप्त कर सकें। ये सभी प्रयास वर्किंग क्लास के जीवन स्तर (Standard of Living) को ऊँचा उठाने के लिए समर्पित हैं।

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वर्किंग क्लास डे (Working Class Day) के अवसर पर सरकार और नागरिक समाज का मुख्य ध्यान असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) के श्रमिकों पर होता है। भारत में लगभग 90 प्रतिशत श्रम बल इसी श्रेणी में आता है, जिसमें निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार शामिल हैं। इन लोगों को अक्सर नियमित वेतन और पेंशन जैसी सुविधाएं प्राप्त नहीं होतीं। इसी कमी को दूर करने के लिए ई-श्रम पोर्टल (e-Shram Portal) जैसी डिजिटल पहल शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना असंगठित श्रमिकों के लिए एक विशेष पेंशन योजना (Pension Scheme) है। इसमें 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जाती है, जो बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) सुनिश्चित करती है। इस योजना में सरकार और श्रमिक दोनों का बराबर अंशदान होता है। यह कदम निम्न आय वर्ग के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) विशेष रूप से स्ट्रीट वेंडर्स (Street Vendors) के लिए बनाई गई है, जो बिना किसी गारंटी के ऋण (Collateral-free Loan) प्रदान करती है। लॉकडाउन जैसी स्थितियों के बाद अपनी आजीविका (Livelihood) पुनः शुरू करने के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हुई है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने से इन छोटे व्यापारियों की बैंकिंग साख (Credit History) भी मजबूत हो रही है। यह योजना आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) का प्रतीक है।

बीमा कवर (Insurance Cover) प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी सुविधाएं बहुत कम प्रीमियम पर उपलब्ध हैं। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में परिवार को मिलने वाली वित्तीय सहायता (Financial Assistance) उन्हें गरीबी के दुष्चक्र से बचाती है। जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat) के माध्यम से मुफ्त इलाज की सुविधा ने स्वास्थ्य पर होने वाले भारी खर्च (Out-of-pocket Expenditure) के बोझ को काफी कम कर दिया है।

प्रवासी श्रमिकों (Migrant Labourers) के लिए 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' (One Nation One Ration Card) योजना एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। अब कोई भी मजदूर देश के किसी भी कोने में रहकर अपने हिस्से का खाद्यान्न (Food Grains) प्राप्त कर सकता है। कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों के माध्यम से इन श्रमिकों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे बेहतर आय वाले रोजगार प्राप्त कर सकें। ये सभी प्रयास वर्किंग क्लास के जीवन स्तर (Standard of Living) को ऊँचा उठाने के लिए समर्पित हैं।
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