पुरी का जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple) अपने आप में कई अनसुलझे रहस्यों और चमत्कारों (Miracles) का केंद्र है। सबसे प्रसिद्ध चमत्कार मंदिर के शिखर पर लगा 'सुदर्शन चक्र' (Sudarshan Chakra) है। आप पुरी के किसी भी कोने से इस चक्र को देखें, इसका मुख हमेशा आपकी ओर ही दिखाई देगा। इसके अतिरिक्त, मंदिर के ऊपर लगा ध्वज (Flag) हमेशा हवा की विपरीत दिशा (Opposite Direction of Wind) में लहराता है, जिसका कारण आज तक वैज्ञानिक भी नहीं समझ पाए हैं।
एक और रहस्य मंदिर की गुंबद की छाया (Shadow of Dome) से जुड़ा है। दिन के किसी भी समय, चाहे सूर्य की स्थिति कुछ भी हो, मंदिर के मुख्य शिखर की छाया जमीन पर कभी नहीं दिखाई देती। साथ ही, मंदिर के ऊपर से कभी कोई पक्षी (Bird) या विमान नहीं उड़ता, जबकि आमतौर पर ऊँची इमारतों पर पक्षी बैठते हैं। इसे भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) की दिव्य शक्ति और सुरक्षा चक्र (Protection Shield) का प्रभाव माना जाता है।
मंदिर के भीतर 'सिंहद्वार' (Lion's Gate) से प्रवेश करते ही समुद्र की लहरों की आवाज (Sound of Waves) पूरी तरह से सुनाई देना बंद हो जाती है। जैसे ही आप द्वार के बाहर कदम रखते हैं, लहरों का शोर फिर से सुनाई देने लगता है। माना जाता है कि भगवान ने शांति के लिए समुद्र को यह आदेश दिया था। मंदिर के शिखर पर स्थित ध्वज (Flag) को प्रतिदिन एक पुजारी द्वारा 45 मंजिला इमारत जितनी ऊँचाई पर चढ़कर बदला जाता है, जो अटूट आस्था (Unwavering Faith) का प्रतीक है।
मंदिर की रसोई (Temple Kitchen) में बनने वाला भोजन भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहाँ कभी भी भोजन की कमी नहीं होती, चाहे भक्तों की संख्या कितनी भी बढ़ जाए। पुरी (Puri) के इस पावन धाम में प्रकृति के नियम (Laws of Nature) बदले हुए प्रतीत होते हैं। जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा (Rath Yatra) के दौरान भी अक्सर देखा गया है कि यात्रा के प्रारंभ या अंत में वर्षा अवश्य होती है, जिसे देव कृपा (Divine Grace) माना जाता है।
इन रहस्यों (Mysteries) ने सदियों से शोधकर्ताओं और श्रद्धालुओं को अचंभित किया है। हालाँकि विज्ञान (Science) अपनी व्याख्या देने की कोशिश करता है, लेकिन भक्तों के लिए यह केवल भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) की महिमा है। मंदिर की बनावट और भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) इसे दुनिया के सबसे ऊर्जावान स्थानों में से एक बनाती है। यह स्थान हमें सिखाता है कि विश्वास की शक्ति तर्क (Logic) से परे होती है।