परीक्षा के पाठ्यक्रम (Syllabus) में तार्किक क्षमता (Reasoning Ability) एक अत्यंत महत्वपूर्ण खंड है। इसमें पहेलियाँ (Puzzles), कोडिंग-डिकोडिंग (Coding-Decoding) और रक्त संबंध (Blood Relations) जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। यह खंड उम्मीदवार की मानसिक स्पष्टता और समस्या समाधान (Problem Solving) कौशल को मापने के लिए डिजाइन किया गया है, जो बैंकिंग कार्यों के लिए आवश्यक है।
संख्यात्मक अभियोग्यता (Numerical Ability) के अंतर्गत गणितीय गणनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसमें प्रतिशत (Percentage), लाभ और हानि (Profit and Loss), औसत (Average) और ब्याज (Interest) से संबंधित प्रश्न बहुतायत में होते हैं। डेटा इंटरप्रिटेशन (Data Interpretation) के माध्यम से चार्ट और ग्राफ को समझने की क्षमता का भी आकलन किया जाता है, जो बैंकिंग रिकॉर्ड्स (Banking Records) के प्रबंधन में काम आता है।
अंग्रेजी भाषा (English Language) के खंड में व्याकरण (Grammar), शब्दावली (Vocabulary) और समझ (Comprehension) पर आधारित प्रश्न होते हैं। बैंक क्लर्क को अक्सर आधिकारिक पत्राचार (Official Correspondence) करना होता है, इसलिए भाषा पर पकड़ होना अनिवार्य है। इस भाग में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने और अभ्यास सेट हल करने की सलाह दी जाती है।
सामान्य जागरूकता (General Awareness) विशेष रूप से बैंकिंग अर्थव्यवस्था (Banking Economy) पर केंद्रित होती है। इसमें वर्तमान घटनाओं (Current Affairs), वित्तीय संस्थानों (Financial Institutions) और मध्य प्रदेश के सामान्य ज्ञान (General Knowledge of MP) से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। सरकारी योजनाओं (Government Schemes) और रिजर्व बैंक (Reserve Bank) की नीतियों के बारे में अपडेट रहना इस खंड में सफलता की कुंजी है।
कंप्यूटर ज्ञान (Computer Knowledge) का हिस्सा आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के लिए आधारभूत है। इसमें हार्डवेयर (Hardware), सॉफ्टवेयर (Software), इंटरनेट और एमएस ऑफिस (MS Office) की बुनियादी समझ का परीक्षण किया जाता है। चूंकि वर्तमान में सभी बैंकिंग लेनदेन डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platforms) पर होते हैं, इसलिए कंप्यूटर की कार्यसाधकता का ज्ञान होना एक अनिवार्य योग्यता मानी जाती है।