Emotional items छोड़ना सबसे मुश्किल होता है क्योंकि ये memories से जुड़े होते हैं. लेकिन याद रखें कि memories दिल में रहती हैं, सामान में नहीं. इसलिए पहले खुद को यह समझाएँ कि emotional decluttering मतलब memories को भूलना नहीं होता.
Start with less emotional items. उन चीज़ों से शुरू करें जिनका emotional value कम है. इससे mind धीरे-धीरे comfortable होता है और heart heavy feel नहीं करता. छोटी wins confidence बनाती हैं.
Emotional items को directly फेंकने की जगह उन्हें memory box में रखें. एक सीमित size का box रखें और rule बनाएं कि सिर्फ वही चीजें उस box में जाएंगी जो सच में special हैं. इससे unnecessary emotional clutter नहीं बढ़ेगा.
कुछ items को photograph करके digital memories में बदल सकते हैं. इससे real item को रखने की जरूरत नहीं रहती लेकिन memory हमेशा सुरक्षित महसूस होती है. यह method बहुत लोगों के लिए helpful होता है.
सबसे ज़रूरी बात यह है कि emotional decluttering एक slow process है. खुद को pressure ना दें. एक-एक item धीरे से decide करें कि क्या रखना है, क्या छोड़ना है. इसी slow approach से mind धीरे-धीरे free और हल्का महसूस करता है.