घर पर नरम (soft) और रसीले (juicy) गुलाब जामुन (Gulab Jamun) बनाना एक कला है जिसमें सामग्री (ingredients) के सही अनुपात (ratio) और तलने (frying) की तकनीक (technique) पर ध्यान देना आवश्यक है। सबसे पहले, गुलाब जामुन का डो (dough) तैयार करें। इसके लिए खोया (Khoya/Mawa) या मिल्क पाउडर (Milk Powder) का उपयोग किया जाता है। खोया इस्तेमाल करने पर, उसे अच्छी तरह से मसल (mash) लें ताकि उसमें कोई गांठ (lump) न रहे।
डो (dough) तैयार करते समय, आपको खोया या मिल्क पाउडर में थोड़ा मैदा (All-Purpose Flour) और चुटकी भर बेकिंग सोडा (Baking Soda) मिलाना होगा। बेकिंग सोडा की मात्रा बहुत कम होनी चाहिए, क्योंकि ज़्यादा सोडा डालने से गुलाब जामुन तलते समय फट (crack) सकते हैं। सभी सामग्री को दूध (Milk) या पानी (Water) की मदद से धीरे-धीरे मिलाएँ। डो को हल्का, नरम और चिकना (smooth) गूंथना चाहिए, इसे बहुत ज़्यादा कसकर (tightly) न गूंथें।
अब, गूंथे हुए डो से छोटी-छोटी और चिकनी (smooth) गोलियाँ (balls) बनाएँ। गुलाब जामुन की गोलियाँ बनाते समय यह सुनिश्चित करें कि उनमें कोई दरार (crack) न हो। यदि दरारें होंगी, तो गुलाब जामुन तलते समय फट जाएंगे और तेल (Oil) सोख लेंगे। गोलियाँ एक ही आकार (size) की होनी चाहिए, ताकि वे एक साथ (simultaneously) पकें।
गुलाब जामुन को तलने (frying) की प्रक्रिया (process) सबसे महत्वपूर्ण है। तलने के लिए घी (Ghee) या तेल का उपयोग करें और इसे धीमी आँच (low flame) पर गरम करें। घी/तेल का तापमान (temperature) बहुत हल्का होना चाहिए; यदि यह बहुत गरम होगा, तो गुलाब जामुन बाहर से तो जल्दी भूरे (brown) हो जाएंगे लेकिन अंदर से कच्चे (raw) रह जाएंगे। गुलाब जामुन को घी में धीरे-धीरे (slowly) तब तक पलटते (turn) रहें जब तक कि वे समान रूप से सुनहरा भूरा (golden brown) रंग न ले लें।
अंत में, चाशनी (Sugar Syrup) तैयार करें। चाशनी बनाने के लिए पानी और चीनी (Sugar) को बराबर मात्रा में उबालें और इसमें इलायची (Cardamom) डालकर पकाएँ। चाशनी को ज़्यादा गाढ़ा (thick) नहीं करना है; यह चिपचिपी (sticky) होनी चाहिए लेकिन इसमें कोई तार (string) नहीं बनना चाहिए। तले हुए गुलाब जामुन को गुनगुनी (lukewarm) चाशनी में डालें और उन्हें 3-4 घंटे के लिए सोखने (soak) दें। सोखने के बाद, गुलाब जामुन नरम, फूले हुए और रसीले हो जाएंगे।