सहारा रेगिस्तान (Sahara Desert) अफ्रीका (Africa) महाद्वीप में स्थित है। यह दुनिया का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान (hot desert) है और इसका क्षेत्रफल (area) लगभग 9.2 मिलियन वर्ग किलोमीटर है, जो लगभग चीन (China) या संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) के क्षेत्रफल जितना है। यह इतना विशाल है कि यह अफ्रीका के उत्तरी भाग (northern part) के एक बड़े हिस्से को कवर करता है।
सहारा रेगिस्तान कई देशों में फैला हुआ है, जिनमें अल्जीरिया (Algeria), चाड (Chad), मिस्र (Egypt), लीबिया (Libya), माली (Mali), मॉरिटानिया (Mauritania), मोरक्को (Morocco), नाइजर (Niger), सूडान (Sudan) और ट्यूनीशिया (Tunisia) शामिल हैं। इसकी भौगोलिक सीमाएँ (geographical boundaries) उत्तर में एटलस पर्वत (Atlas Mountains) और भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से, पश्चिम में अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) से, और दक्षिण में सहेल क्षेत्र (Sahel Region) से निर्धारित होती हैं।
इस रेगिस्तान का वातावरण (environment) अत्यंत कठोर (extreme) है, जिसकी विशेषताएँ हैं अत्यधिक उच्च तापमान (extremely high temperatures), बहुत कम वर्षा (very low rainfall) और तेज़ हवाएँ (strong winds)। दिन के दौरान तापमान बहुत अधिक बढ़ सकता है, जबकि रातें (nights) काफी ठंडी (cold) हो सकती हैं, जिससे तापमान में भारी दैनिक उतार-चढ़ाव (huge daily fluctuations) आता है।
सहारा मुख्य रूप से बालुई टीलों (sand dunes) से बना हुआ नहीं है, जैसा कि अक्सर फिल्मों में दिखाया जाता है। इसका अधिकांश भाग रेत के समुद्रों (Ergs), पत्थर के पठारों (rocky plateaus - Hamadas), बजरी के मैदानों (gravel plains - Regs) और शुष्क घाटियों (dry valleys) से बना है। यहाँ की जलवायु (climate) और भूगोल हजारों वर्षों से बदलता रहा है।
सहारा रेगिस्तान का मानव इतिहास (human history) और व्यापार (trade) में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। प्राचीन काल में यहाँ से सोने (gold), नमक (salt) और दास (slaves) के लिए ट्रांस-सहारा व्यापार मार्ग (Trans-Saharan Trade Routes) गुज़रते थे। यह रेगिस्तान आज भी एक महत्वपूर्ण जलवायु कारक (climate factor) है, जो अटलांटिक महासागर में धूल (dust) पहुँचाकर तूफानों (hurricanes) के निर्माण को प्रभावित करता है।