ध्वनि की गति (Speed of Sound) सबसे तेज ठोस माध्यम (Solid Medium) में होती है। ध्वनि मूल रूप से एक यांत्रिक तरंग (mechanical wave) है, जिसका अर्थ है कि इसे आगे बढ़ने के लिए एक माध्यम (जैसे हवा, पानी, या ठोस पदार्थ) की आवश्यकता होती है। ध्वनि की गति उस माध्यम के घनत्व (Density) और प्रत्यास्थता (Elasticity) पर निर्भर करती है जिसमें यह यात्रा कर रही है।ठोस पदार्थों (Solids) में, कण (particles) एक-दूसरे के बहुत पास (close together) और कसकर बंधे (tightly bound) होते हैं।
यह निकटता (proximity) ऊर्जा (energy) को एक कण से दूसरे कण तक बहुत तेज़ी से और कुशलता से (efficiently) स्थानांतरित (transfer) करने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, स्टील (Steel) में ध्वनि की गति हवा की तुलना में 17 गुना अधिक, लगभग 5,960 मीटर प्रति सेकंड (metres per second) होती है।
तरल पदार्थ (Liquids), जैसे पानी (water), में कण ठोस की तुलना में अधिक दूर (further apart) होते हैं, लेकिन गैसों (Gases) की तुलना में पास होते हैं। इसलिए, ध्वनि की गति तरल पदार्थों में गैसों की तुलना में तेज होती है, लेकिन ठोस पदार्थों की तुलना में धीमी होती है। उदाहरण के लिए, पानी में ध्वनि की गति लगभग 1,484 मीटर प्रति सेकंड होती है।गैसीय माध्यम (Gaseous Medium), जैसे हवा (air), में कण एक-दूसरे से बहुत दूर होते हैं और उनके बीच का बल (force) कमजोर होता है। इस कारण, ऊर्जा को कुशलता से स्थानांतरित होने में अधिक समय लगता है।
इसलिए, हवा में ध्वनि की गति सबसे धीमी होती है, जो समुद्र तल (sea level) पर और $20^{\circ}C$ तापमान पर लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होती है।यह मौलिक (fundamental) सिद्धांत यह समझने में मदद करता है कि क्यों रेलवे ट्रैक (railway tracks) जैसे ठोस माध्यमों पर कान लगाकर आने वाली ट्रेन (train) की आवाज को हवा की तुलना में बहुत पहले सुना जा सकता है। यह दर्शाता है कि कैसे पदार्थ की आणविक संरचना (molecular structure) ऊर्जा संचरण (energy transmission) की गति को प्रभावित करती है।