एसबीआई (SBI) गोल्ड लोन (Gold Loan) स्कीम पर ब्याज दरें (Interest Rates) अन्य ऋणों (Other loans) जैसे पर्सनल लोन (Personal Loan) की तुलना में अक्सर कम होती हैं, क्योंकि यह एक 'सुरक्षित ऋण' (Secured Loan) है। गोल्ड लोन (Gold Loan) में ग्राहक (Customer) सोने के आभूषण (Gold ornaments) या सिक्के (Coins) को बैंक (Bank) के पास सुरक्षा (Security) के तौर पर गिरवी (Pledge) रखते हैं। यह सुरक्षा (Security) बैंक के जोखिम (Bank's risk) को कम करती है, इसलिए ब्याज दरें (Interest rates) कम होती हैं।
ब्याज दर (Interest rate) तय करने वाला प्राथमिक कारक (Primary factor) 'लोन टू वैल्यू अनुपात' (Loan-to-Value Ratio - LTV) होता है। आरबीआई (RBI) के दिशानिर्देशों (Guidelines) के अनुसार, बैंक (Bank) सोने के मूल्य (Value of gold) का एक निश्चित प्रतिशत (Fixed percentage) (आमतौर पर 75% तक) ही ऋण (Loan) के रूप में दे सकता है। यह LTV (एलटीवी) जितना कम होगा, बैंक के लिए जोखिम (Risk) उतना ही कम होगा, और परिणामस्वरूप (As a result), ब्याज दरें (Interest rates) कम हो सकती हैं।
दूसरा कारक 'पुनर्भुगतान अवधि' (Repayment Tenure) है। लंबी अवधि (Longer tenure) के लिए ब्याज दरें (Interest rates) थोड़ी अधिक (Slightly higher) हो सकती हैं क्योंकि बैंक (Bank) लंबे समय तक जोखिम (Risk) उठाता है। इसके विपरीत, गोल्ड लोन (Gold Loan) अक्सर अल्पकालिक (Short-term) होते हैं, जो 3 महीने से लेकर 36 महीने (3 months to 36 months) तक हो सकते हैं, जिससे ब्याज का कुल बोझ (Total interest burden) कम होता है।
'सोने की शुद्धता' (Purity of Gold) भी ब्याज दर (Interest rate) पर अप्रत्यक्ष (Indirectly) रूप से प्रभाव डालती है। बैंक (Bank) केवल 18 कैरेट (18 Karat) और उससे अधिक शुद्धता (Higher purity) वाले सोने को ही गिरवी (Pledge) रखता है। सोने का मूल्यांकन (Valuation) बैंक द्वारा नियुक्त (Appointed) मूल्यांकनकर्ता (Appraiser) द्वारा किया जाता है, और इसी मूल्यांकित राशि (Appraised amount) पर ब्याज दर (Interest rate) लागू होती है।
एसबीआई (SBI) विभिन्न प्रकार (Different types) के गोल्ड लोन (Gold Loan) विकल्प (Options) प्रदान करता है (जैसे टर्म लोन - Term Loan, या ओवरड्राफ्ट सुविधा - Overdraft Facility), और प्रत्येक विकल्प (Option) की ब्याज दर (Interest rate) अलग हो सकती है। अंत में, ग्राहक का 'क्रेडिट स्कोर' (Credit score) और बैंक के साथ मौजूदा संबंध (Existing relationship) भी यह तय करने में मदद करते हैं कि उन्हें सबसे कम संभावित (Lowest possible) ब्याज दर (Interest rate) मिलेगी या नहीं।