बच्चों के स्क्रीन टाइम (Screen Time) को सीमित (Limit) करने के लिए माता-पिता (Parents) को एक सुसंगत (Consistent) और सक्रिय रणनीति (Proactive Strategy) अपनानी चाहिए। सबसे पहले, घर में "स्क्रीन-मुक्त क्षेत्र (Screen-Free Zones)" और "स्क्रीन-मुक्त समय (Screen-Free Times)" निर्धारित करें। उदाहरण के लिए, बेडरूम (Bedroom) को हमेशा स्क्रीन-मुक्त क्षेत्र रखें ताकि नींद की गुणवत्ता (Sleep Quality) प्रभावित न हो। भोजन (Mealtime) के समय को भी स्क्रीन-मुक्त रखें ताकि परिवार एक साथ बातचीत कर सके और भोजन का आनंद ले सके।
महत्वपूर्ण कदम है स्पष्ट सीमाएँ (Clear Limits) निर्धारित करना और उन्हें लागू करना। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) जैसी संस्थाओं की सिफारिशों के आधार पर, बच्चों की उम्र के अनुसार रोज़ाना या साप्ताहिक स्क्रीन उपयोग के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करें। इस सीमा को एक चार्ट (Chart) या नियम पुस्तिका (Rule Book) के रूप में घर में प्रदर्शित करें ताकि सभी को यह स्पष्ट हो। बच्चों को यह समझाना ज़रूरी है कि इन नियमों का पालन क्यों महत्वपूर्ण है, खासकर उनके स्वास्थ्य (Health) और पढ़ाई (Studies) के लिए।
स्क्रीन टाइम को गैर-स्क्रीन गतिविधियों (Non-Screen Activities) के साथ संतुलित (Balance) करें। बच्चों को विकल्प (Alternatives) प्रदान करें जो उन्हें उत्तेजित (Stimulate) करें और शारीरिक रूप से सक्रिय (Physically Active) रखें। किताबों को पढ़ने, बोर्ड गेम्स (Board Games) खेलने, कला (Art) और शिल्प (Craft) बनाने, या बाहर खेलने को प्रोत्साहित करें। माता-पिता को इन गतिविधियों में बच्चों के साथ शामिल होना चाहिए, क्योंकि आपका सक्रिय भागीदारी (Active Participation) बच्चों के लिए सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत (Motivation Source) होता है।
माता-पिता को रोल मॉडल (Role Model) बनना चाहिए। बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार का अनुकरण (Imitate) करते हैं। यदि माता-पिता लगातार अपने फोन या टैबलेट (Tablet) पर हैं, तो बच्चों को भी स्क्रीन उपयोग को सीमित करने के लिए कहना अप्रभावी (Ineffective) होगा। अपनी खुद की स्क्रीन की आदतों पर ध्यान दें और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय (Quality Time) बिताते समय जानबूझकर अपने डिवाइस (Devices) को दूर रखें। अपने बच्चों को दिखाएँ कि बिना स्क्रीन के भी जीवन मनोरंजक (Entertaining) और उत्पादक हो सकता है।
स्क्रीन टाइम को पूरी तरह से बुरा न मानें, बल्कि इसे शिक्षाप्रद (Educational) और इंटरैक्टिव (Interactive) बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। कुछ समय को ऐसे प्रोग्राम (Programs) या एप्लिकेशन (Applications) के लिए अनुमति दें जो सीखने (Learning) या रचनात्मकता (Creativity) को बढ़ावा देते हैं। स्क्रीन टाइम के दौरान भी बच्चों के साथ बातचीत करें और उनसे पूछें कि वे क्या देख रहे हैं। यदि बच्चे बड़े हैं, तो उन्हें खुद अपने स्क्रीन उपयोग को ट्रैक (Track) करने और प्रबंधित (Manage) करने में शामिल करें, ताकि वे स्व-नियमन (Self-Regulation) का कौशल सीख सकें।