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NDA परीक्षा में गलत उत्तर (Wrong Answer) देने पर Negative Marking का प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि आपके सही उत्तरों के अंकों में से कुछ अंक काट लिए जाते हैं। यह कटौती आमतौर पर प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई (One-Third) अंक की होती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी प्रश्न के लिए 4 अंक निर्धारित हैं, तो गलत उत्तर देने पर 1.33 अंक काट लिए जाएंगे। यह नियम सभी वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) के पेपरों पर लागू होता है, जैसे कि गणित (Mathematics) और सामान्य योग्यता परीक्षा (General Ability Test - GAT)। उम्मीदवारों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि वे जिन प्रश्नों को लेकर पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हैं, उन्हें हल करने से बचें।

NDA परीक्षा में अंकों की कटौती प्रश्न पत्र के अनुसार अलग-अलग होती है, क्योंकि गणित और GAT के प्रश्न पत्रों के लिए अधिकतम अंक भिन्न-भिन्न निर्धारित किए गए हैं। गणित के पेपर में कुल 300 अंक होते हैं, जबकि GAT का पेपर 600 अंकों का होता है। इसलिए, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए काटे जाने वाले अंक की गणना भी उनके अधिकतम अंक (Maximum Marks) और प्रश्नों की कुल संख्या पर निर्भर करती है। इस कटौती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार केवल अनुमान (Guesswork) लगाने के बजाय, केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दें जिनके बारे में उन्हें सटीक जानकारी हो।

NDA परीक्षा में Negative Marking का मुख्य प्रभाव उन उम्मीदवारों पर पड़ता है जो अधिक संख्या में प्रश्नों को हल करने के लालच में गलत उत्तर देते जाते हैं। यह उनकी कुल स्कोर (Total Score) को काफी हद तक कम कर सकता है और उन्हें कट-ऑफ अंक (Cut-Off Marks) से नीचे ला सकता है। एक उम्मीदवार को अपनी तैयारी के दौरान ही इस रणनीति पर काम करना चाहिए कि वह कैसे अधिक से अधिक सही उत्तर दे सके और Negative Marking के प्रभाव को कम कर सके। इसके लिए, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Question Papers) का अभ्यास करना और मॉक टेस्ट देना बहुत महत्वपूर्ण है।

यदि कोई उम्मीदवार किसी प्रश्न को हल नहीं करता है, यानी उत्तर के रूप में कोई विकल्प नहीं चुनता है, तो ऐसे प्रश्न के लिए कोई अंक नहीं दिया जाता है और न ही कोई अंक काटा जाता है। Negative Marking केवल तभी लागू होती है जब आप किसी प्रश्न का गलत उत्तर देते हैं। इसलिए, उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करें जिन पर उन्हें 100% विश्वास हो। तुक्का लगाने से बचना ही सफल होने की कुंजी है, क्योंकि कुछ सही उत्तरों से प्राप्त अंकों को भी गलत उत्तरों की Negative Marking समाप्त कर सकती है।

संक्षेप में, Negative Marking NDA परीक्षा की एक महत्वपूर्ण विशेषता है जो उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करती है। यह उम्मीदवारों को परीक्षा में सावधानी और सटीकता (Accuracy) बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे परीक्षा हॉल में अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) को सावधानीपूर्वक भरें, और किसी भी प्रकार की गलती जैसे कि एक से अधिक विकल्पों को चिह्नित (Mark) करने से बचें, क्योंकि इसे भी अक्सर गलत उत्तर मान लिया जाता है।

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NDA परीक्षा में गलत उत्तर (Wrong Answer) देने पर Negative Marking का प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि आपके सही उत्तरों के अंकों में से कुछ अंक काट लिए जाते हैं। यह कटौती आमतौर पर प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई (One-Third) अंक की होती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी प्रश्न के लिए 4 अंक निर्धारित हैं, तो गलत उत्तर देने पर 1.33 अंक काट लिए जाएंगे। यह नियम सभी वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) के पेपरों पर लागू होता है, जैसे कि गणित (Mathematics) और सामान्य योग्यता परीक्षा (General Ability Test - GAT)। उम्मीदवारों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि वे जिन प्रश्नों को लेकर पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हैं, उन्हें हल करने से बचें।

NDA परीक्षा में अंकों की कटौती प्रश्न पत्र के अनुसार अलग-अलग होती है, क्योंकि गणित और GAT के प्रश्न पत्रों के लिए अधिकतम अंक भिन्न-भिन्न निर्धारित किए गए हैं। गणित के पेपर में कुल 300 अंक होते हैं, जबकि GAT का पेपर 600 अंकों का होता है। इसलिए, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए काटे जाने वाले अंक की गणना भी उनके अधिकतम अंक (Maximum Marks) और प्रश्नों की कुल संख्या पर निर्भर करती है। इस कटौती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार केवल अनुमान (Guesswork) लगाने के बजाय, केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दें जिनके बारे में उन्हें सटीक जानकारी हो।

NDA परीक्षा में Negative Marking का मुख्य प्रभाव उन उम्मीदवारों पर पड़ता है जो अधिक संख्या में प्रश्नों को हल करने के लालच में गलत उत्तर देते जाते हैं। यह उनकी कुल स्कोर (Total Score) को काफी हद तक कम कर सकता है और उन्हें कट-ऑफ अंक (Cut-Off Marks) से नीचे ला सकता है। एक उम्मीदवार को अपनी तैयारी के दौरान ही इस रणनीति पर काम करना चाहिए कि वह कैसे अधिक से अधिक सही उत्तर दे सके और Negative Marking के प्रभाव को कम कर सके। इसके लिए, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Question Papers) का अभ्यास करना और मॉक टेस्ट देना बहुत महत्वपूर्ण है।

यदि कोई उम्मीदवार किसी प्रश्न को हल नहीं करता है, यानी उत्तर के रूप में कोई विकल्प नहीं चुनता है, तो ऐसे प्रश्न के लिए कोई अंक नहीं दिया जाता है और न ही कोई अंक काटा जाता है। Negative Marking केवल तभी लागू होती है जब आप किसी प्रश्न का गलत उत्तर देते हैं। इसलिए, उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करें जिन पर उन्हें 100% विश्वास हो। तुक्का लगाने से बचना ही सफल होने की कुंजी है, क्योंकि कुछ सही उत्तरों से प्राप्त अंकों को भी गलत उत्तरों की Negative Marking समाप्त कर सकती है।

संक्षेप में, Negative Marking NDA परीक्षा की एक महत्वपूर्ण विशेषता है जो उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करती है। यह उम्मीदवारों को परीक्षा में सावधानी और सटीकता (Accuracy) बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे परीक्षा हॉल में अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) को सावधानीपूर्वक भरें, और किसी भी प्रकार की गलती जैसे कि एक से अधिक विकल्पों को चिह्नित (Mark) करने से बचें, क्योंकि इसे भी अक्सर गलत उत्तर मान लिया जाता है।
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