NDA (National Defence Academy) की लिखित परीक्षा में Negative Marking एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत हर गलत उत्तर के लिए उम्मीदवार के कुल प्राप्तांकों (Total Marks Obtained) में से एक निर्धारित मात्रा में अंक काट लिए जाते हैं। यह कटौती एक तरह से दंडात्मक कार्रवाई (Punitive Action) होती है, जो उन उम्मीदवारों को हतोत्साहित करती है जो प्रश्न का सही उत्तर जाने बिना केवल अनुमान के आधार पर उत्तर देते हैं। इस नुकसान को समझने के लिए, हमें अंकों की गणना को ध्यान में रखना होगा। यदि किसी प्रश्न का मूल्य X अंक है, तो गलत उत्तर पर X/3 अंक काट लिए जाते हैं।
उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए कि गणित (Mathematics) के पेपर में प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंकों का है। यदि कोई उम्मीदवार एक प्रश्न का गलत उत्तर देता है, तो 2.5/3 \approx 0.83 अंक उसके सही उत्तरों के कुल अंकों में से काट लिए जाते हैं। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जिसका अर्थ है कि जितने ज्यादा गलत उत्तर होंगे, कुल अंकों का नुकसान उतना ही अधिक होगा। यह नुकसान केवल खोए हुए अंकों तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि सही उत्तरों से अर्जित किए गए अंकों को भी कम कर देता है।
Negative Marking के कारण अंकों का नुकसान दोहरी मार जैसा होता है। पहली बात यह है कि गलत उत्तर देने पर उस प्रश्न के लिए मिलने वाले 2.5 अंक तो मिलते ही नहीं हैं, और दूसरी बात यह है कि ऊपर बताए गए 0.83 अंक आपके स्कोर से और भी कम कर दिए जाते हैं। यह नुकसान तब और भी गंभीर हो जाता है जब कोई उम्मीदवार परीक्षा में बड़ी संख्या में प्रश्नों का गलत उत्तर देता है। यह स्थिति उम्मीदवार को मेरिट लिस्ट (Merit List) से बाहर कर सकती है, भले ही उसने कुछ प्रश्नों के सही उत्तर दिए हों।
अंकों के इस नुकसान से बचने के लिए, उम्मीदवारों को चयन (Selection) की एक मजबूत रणनीति अपनानी चाहिए। उन्हें उन प्रश्नों को पहचानना चाहिए जिनमें वे पूरी तरह से आश्वस्त (Confident) नहीं हैं और उन्हें छोड़ देना चाहिए। किसी भी प्रश्न को छोड़ देने पर 0 अंक मिलते हैं, लेकिन गलत उत्तर देने पर स्कोर नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है। Negative Marking का उपयोग उम्मीदवारों की सटीकता (Accuracy) और उनके ज्ञान की गहराई को परखने के लिए किया जाता है, न कि केवल उनकी प्रश्न हल करने की क्षमता को।
संक्षेप में, Negative Marking NDA परीक्षा में एक महत्वपूर्ण कारक है जो उम्मीदवार के अंतिम स्कोर (Final Score) को प्रभावित करता है। इसका सीधा मतलब है कि आपको हर प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अपनी तैयारी के दौरान ही उम्मीदवारों को यह अभ्यास करना चाहिए कि वे कितने प्रश्न हल करते हैं और उनकी सटीकता दर (Accuracy Rate) क्या है, ताकि वे परीक्षा के दिन एक प्रभावी और सुरक्षित रणनीति (Strategy) के साथ परीक्षा दे सकें और Negative Marking के कारण होने वाले अंकों के नुकसान को कम कर सकें।